tanveer jafri

धर्म प्रेम व धर्मांधता में अंतर ज़रूरी

कितनी आसान है 'घर वापसी' ?

राष्ट्रहित के उकसावे और भारतीय मुसलमान

तमाशा बनते अवसरवादी 'धर्म परिवर्तन'

सीमा सुरक्षा बल के समक्ष दरपेश चुनौतियां

रस्सी तो जल गयी मगर ऐंठन नहीं गयी

कांग्रेस से विपक्षी दलों का भयभीत होना

धार्मिक आस्था के ये दुश्मन

ये हैं 'जहन्नुम' के असली हक़दार

कांग्रेस में नेहरू गांधी परिवार का कोई विकल्प नहीं

तालिबानों पर जब अफ़ग़ानी नागरिकों को भरोसा नहीं तो दुनिया भरोसा कैसे करे ?

अन्नदाता की ताक़त का आंकलन करने में विफल है सरकार

मानवता के अपराधी हैं तालिबान

मुसलमान बनने से ज़्यादा ज़रूरी है एक अच्छा इंसान बनना-बनाना

जाहे विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

पूरे विश्व में लग सकता है जयकारा श्री राम का

डॉक्टर कल्बे सादिक़ को पदम् भूषण से नवाज़े जाने के निहितार्थ ?

छल-बल बनाम अन्नदाता

'पूछता है भारत': क्या देश को चाहिए ऐसी ही पत्रकारिता ? 

किसान आंदोलन को अन्ना हज़ारे के आख़िरी अनशन का साथ

अपने ही देश को तबाह व कलंकित करने वाले शासक

कृषक परेशान फिर भी भारत कृषि प्रधान ?

किसान आंदोलन : तेग़-देग़ -फ़तेह ...

अपने हित-अहित से किसान बेख़बर और सरकार बाख़बर ?

विरोध के स्वर दबाने के यह 'कुटिल शस्त्र'

मीडिया के प्रति अविश्वास बढ़ाता 'फ़ेक न्यूज़' का बढ़ता चलन

ये 'चिराग़' कोई चिराग़ है,न जला हुआ न बुझा हुआ ?

क़ानून बनाने वाले ही क़ानून की धज्जियाँ उड़ाने के सबसे बड़े ज़िम्मेदार

सामाजिक खाई पैदा करते ये संकीर्ण मानसिकता के लोग

कठमुल्लाओं की साज़िश का शिकार है इस्लामी जगत ?