tanveer jafri writer

मुहर्रम पर विशेष - क़यामत तक प्रासंगिक रहेगी,दास्तान-ए-करबला

यह सशक्तीकरण है जनाब,तुृष्टीकरण नहीं...

खतरे में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ

ये देखना है कि पत्थर कहां से आया है ?

अंतिम संस्कार: शमशान बनाम कब्रिस्तान

यह कैसा राष्ट्रवाद ?

रद्द-उल-फसाद ही नहीं रद्द-उल-जिहाद भी ज़रूरी

तमाशा बनते फतवेबाज़

तसलीमा नसरीन और तारक फतेह – सब कुछ भारतीय नागरिकता की खातिर ?

सन्यासी,योग गुरू, काले धन के बाद अब विज्ञापनों का भ्रमजाल

कुर्बान जाऊं ऐसी ‘फकीरी’ पे बार-बार

भारत - पाकिस्तान सम्बन्ध - दिल न मिले तो हाथ मिलाने का औचित्य ही क्या?

अल्पसंख्यक समुदाय की दयनीय स्थिति और बहुसंख्यकों का दायित्व

खतरनाक अंदाज़-ए-सियासत के दौर से गुजरता देश

तो क्या हैं ट्रंप की जीत का संदेश ?

शिक्षा के दुश्मन, पाषाण युग के ये हिमायती ?

हकीकत के आईने में चीनी सामानों का बहिष्कार ?

न विचार न सिद्धांत : सत्ता महान ?

परमाणु शस्त्र संपन्नता और बेलगाम आतंकवाद का प्रसार

कश्मीर में पाकिस्तानी झंडे : आख़िर क्यों ?

झूठी प्रशंसा का ढिंढोरा पीटने के यह माहिर रणनीतिकार

धार्मिक समरसता एक वैश्विक स्वभाव

काहो को अस थूकिए ताको मुंह पर आए?

राजनीति का अखाड़ा बना सिंहस्थ महाकुंभ

‘आज़ादी’ के दावों की पोल खोलता पाक अधिकृत कश्मीर

यथार्थ के आईने में कांग्रेस व संघ मुक्त भारत ?

‘भारत माता की जय’ पर फतवों की बौछार

मोदी सरकार ढुलमुल पाक नीति

शब्दों की बाज़ीगरी से विभाजित होता समाज

भारत माता की जय और राष्ट्रवाद