Friday, September 20th, 2019

Author Tanveer Jafri

कड़वाहट भरी शुरुआत के मायने ?

तू इधर-उधर की बात न कर...

नोटबंदी : उत्सव नहीं तो पुण्यतिथि ही मना लेते?

आपातकाल बनाम ‘आफत काल’

बिकाऊ टी वी चैनल्स की भडक़ाऊ बहस

हादसे-मुआवज़े-आरोप-प्रत्यारोप और मानव जीवन

राफेल सौदा: प्रधानमंत्री पर आरोप मढऩा क्या इतना आसान ?

सैन्य पराक्रम - देश का गौरव या दल का ?

राफेल विमान सौदा:इस दौर-ए-सियासत के अंदाज़ निराले हैं...

अन्याय व अहंकार के विरोध की याद दिलाती शहादत-ए-हुसैन

भाजपा को कांग्रेस संगठन से नहीं विचारधारा से परेशानी

मीडिया का पतन लोकतंत्र पर आघात

राफेल : कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है?

जिन पे तकिया था वही पत्ते हवा देने लगे

पाक अवाम का चरमपंथियों को ठेंगा

प्रतिस्पर्धा, चाटुकारिता की

टोपीबाज़ी बंद करो

क्या हत्या व बलात्कार का पक्षधर भी है ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ’?

सच्चा धर्म शांति, सद्भाव सिखाता है ख़ून ख़राबा नहीं

योगी के ‘बोल-अनमोल’

आतंकवाद को बेनकाब करेगी शिया-सुन्नी एकता

विचारधारा नहीं,उज्जवल राजनैतिक भविष्य का दौर

सराहनीय अदालती टिप्पणी:अधर्म करने वाला धार्मिक नहीं हो सकता

यरूशलम विवाद : शिया-सुन्नी संघर्ष की अमेरिकी साजि़श

पत्रकारिता का ‘पत्थरकारिता’ काल ?

मुद्दों पर नहीं,भावनाओं व लांछन पर हो रहे चुनाव

व्यक्ति नहीं भारतीयता की पहचान हैं गांधी -नेहरू

ज़रूरत नोटबंदी पर श्वेत पत्र लाने की

पप्पू बनाम फेंकू महासंग्राम

सत्ता के संरक्षण में नफरत का व्यापार?