Monday, October 14th, 2019
Close X

संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन समाज को जीवंत बनाने के लिए अनिवार्य : राम नाइक

ramnaik,govenorramnaik,dr renu chandra,renu chandra,आई एन वी वी न्यूज़ उरई भूत को भुलाने वालों का भविष्य नहीं होता, हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है जिसका संरक्षण एवं संवृद्धी समाज को जीवंत बनाने के लिए अनिवार्य है ! उक्त आशय के विचार उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल राम नाइक ने आज स्थानीय मंडपम सभागार में तीन दिवसीय राष्ट्रीय लोक कला महोत्सव का शुभारम्भ करते हुए व्यक्त किये ! जीवन की विषमताओं और राष्ट्र की विविधताओं का उल्लेख करते हुए जीवन में खुशिओं के विस्तार के लिए संस्कृति त्यौहार और लोक कलाओं के महत्त्व को प्रतिपादित किया है !

उन्होंने कहा कि लोक कला दिल से दिल तक ले जाने वाली कला है, और नृत्य में उत्साह एवं जोश का अद्भुत समावेश है ! जो समाज को प्राणवान बनाये रखता है श्री नाइक ने कहा कि लोंगों के जीवन में तमाम कष्ट एवं समस्याएं  हैं, लेकिन जो त्यौहार है उनमें जो लोक गीत व् संगीत तथा नृत्य के कार्यक्रम मनुष्य में सुखानुभूति का संचार करते हैं ! हमें अपने जीवन में लोककलाओं ऊंचा स्थान देना चाहिए ! उन्होंने कार्यक्रम की आयोजक संस्था लोकमंगल, उरई एवं संस्कार भारती को उनके प्रयासों के लिए साधुवाद दिया ! कार्यक्रम के प्रारंभ में लोकमंगल के निदेशक अयोध्या प्रसाद गुप्त ‘कुमुद’ ने संस्था की रजत जयंती के अवसर पर अवसर पर राष्ट्रीय लोक कला महोत्सव के आयोजन की पृष्ठ भूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला ! कार्यक्रम के विशिष्ट  अतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़े. अविनाश चन्द्र पाण्डेय ने जीवन में लोक कला के महत्व पर पर प्रकाश डालते हुए आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की ! कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कार भारती के अखिल भारतीय संरक्षक योगेन्द्र बाबा ने की ! लोक मंगल की अध्यक्षा डॉ रेनू चंद्रा ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों व् अतिथि लोक कलाकारों का संस्था की ओर आत्मीय स्वागत किया ! इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने अयोध्या प्रसाद गुप्त ‘कुमुद’ की पुस्तक “कोंच की रामलीला” तथा संस्था की स्मारिका का भी विमोचन किया ! ज्ञातव्य है कि कोंच की रामलीला पुस्तक का अयोध्या शोध संस्थान द्वारा किया गया है, संस्थान के निदेशक डॉ योगेन्द्र प्रताप सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे ! इस दौरान राज्यपाल महोदय ने लोक कला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया ! उद्घाटन स्थल पर राज्यपाल के आगमन अवसर पर रमतूला वादन से उनका स्वागत किया गया ! तदोपरांत जवारे तथा दीवारी नृत्य से उनका अभिनन्दन किया गया ! कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का करमा नृत्य, बुंदेलखंड का घाट नृत्य, गुजरात का गरबा, उड़ीसा का घूमर तथा मथुरा के होली नृत्य ने समा बांध दिया ! बनारस से पधारे योगी राम जन्म ने निरन्तर लम्बे शंखनाद से लोंगों को अचंभित कर दिया ! उल्लेखनीय है कि श्री योगी आधे घंटे तक शंख ध्वनि बनाये रखने के धनी हैं ! कार्यक्रम के प्रारम्भ में राष्ट्रगान, संस्कार भारती ध्येय गीत के   साथ-साथ कार्यक्रम के संयोजक मेवालाल गुप्त जी ने सभी अतिथियों का बैज अलंकरण कर स्वागत किया ! चित्रकार रोहित विनायक ने अतिथियों को स्वनिर्मित स्मृति चिन्ह भेंट किये !  इस अवसर पर संसद भानुप्रताप वर्मा, सादर विधायक दयाशंकर वर्मा, पूर्व संसद गंगा चरण राजपूत, पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी, नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव शर्मा, जिलाधिकारी राम गणेश, एस.पी. एन. कोलांची, ए.डी.एम. आनंद कुमार, नगर के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, विभिन्न दलों के नेता, पत्रकार तथा कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे ! कार्यक्रम का समापन संस्कार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गणेश पन्त रोड़े, द्वारा राष्ट्र गीत वन्देमातरम के सस्वर गायन के साथ  हुआ ! कार्यक्रम का संचालन डॉ कल्पना श्रीवास्तव, सुश्री दीप्ती कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया !

Comments

CAPTCHA code

Users Comment