फिलीपीन की पत्रकार मारिया रेस्सा और रूसी पत्रकार दिमित्रि मुरातोव को वर्ष 2021 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष को लेकर दिया गया है। विजेताओं की घोषणा शुक्रवार को नॉर्वेजियन नोबेल समिति के अध्यक्ष बेरिट रीस-एंडरसन ने की। विजेता का चयन करने वाली नॉर्वे की समिति ने कि दोनों ही पत्रकारों ने फिलिपींस और रूस में ‘अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा’ के लिए पूरे जज्बे और बहादुरी के साथ लड़ाई लड़ी। समिति ने कहा, ‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित पत्रकारिता सत्ता के दुरुपयोग, झूठ और युद्ध से बचाने का काम करती है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता के बिना, राष्ट्रों के बीच भाईचारे और निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना बेहद मुश्किल होगा।’ रेस्सा ने कहा, ‘तथ्यों के बिना कुछ भी संभव नहीं। तथ्यों के बिना दुनिया बिल्कुल वैसी ही है जैसे वह सच और विश्वास के बिना होगी।’ इस पुरस्कार में विजेता को गोल्ड मेडल व 10 मिलियन स्वीडिश क्रोनोर (1.14 मिलियन अमेरिकी डालर यानी करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये) भेंट किए जाते हैं। पिछले साल यह पुरस्कार विश्व खाद्य कार्यक्रम को दिया गया था, जिसकी स्थापना 1961 में विश्व भर में भूख से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर के निर्देश पर की गई थी। रोम से काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी को वैश्विक स्तर पर भूख से लड़ने और खाद्य सुरक्षा के प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। PLC

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