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Sunday, January 16th, 2022

सपा-रालोद का होगा गठबंधन - सीटों पर बनी सहमति

यूपी में 2022 के विस चुनाव के मद्देनजर सियासी हलचल तेज हो गई है। सपा-रालोद के संभावित गठबंधन की ख़बरों के बीच अब 7 दिसम्बर को दबथुआ में एक बड़ी रैली होगी।  इस रैली को परिवर्तन संकल्प रैली नाम दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक इस रैली में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शिरकत कर सकते हैं। इसी रैली में पश्चिम यूपी में सपा और रालोद के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का औपचारिक ऐलान भी किया जाएगा। फिलहाल रालोद के कार्यकर्ता संभावित गठबंधन की इस रैली को लेकर तैयारियों में जुट गए हैं। मेरठ के कस्बा दबथुवा में पहले दो दिसंबर को रालोद की संकल्प रैली प्रस्तावित थी। अब यह रैली 7 दिसंबर को होगी।
दरअसल रालोद और सपा के बीच संभावित गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर अभी बात चल रही है। जानकारी के मुताबिक रालोद ने पहले 50 सीटों की मांग की थी। इसके बाद जयंत चौधरी और अखिलेश यादव के बीच लखनऊ में हुई बैठक में लगभग 36 सीटों पर फाइनल सहमति होने की बात निकल कर सामने आई। अब एक बार फिर यह खबर छन कर आ रही है कि सपा रालोद को 15 सीटें देगी। सूत्रों का कहना है कि मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मथुरा और मुरादाबाद सहित वेस्‍ट यूपी के अन्‍य जिलों में दोनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे के फार्मूले पर बातचीत हो रही है।
अगर सपा रालोद का संभावित गठबंधन हुआ तो वेस्ट यूपी की कुछ सीटें रालोद अपने पास रखना चाहेगा। मेरठ की सरधना और सिवालख़ास सीट पर रालोद दावा कर रहा है।  हालांकि सरधना को लेकर सपा दावेदारी जता सकती है।  बागपत की तीनों विधानसभा सीट छपरौली, बड़ौत और बागपत जयंत चौधरी अपने खाते में रखना चाहेंगे। मगर सपा के साथ बड़ौत सीट पर पेंच है। शामली जनपद में शामली और थानाभवन विधानसभा सीट पर जयंत दावा कर रहे हैं, हालांकि सपा यहां थानाभवन सीट नहीं छोड़ना चाहेगी।  बुलंदशहर की बात करें तो स्याना, अऩूपशहर और ख़ुर्जा सीट जयंत अपने ख़ाते में चाहेंगे। हालांकि अनूपशहर सीट पर सपा दावा कर सकती है। बिजनौर की चांदपुर और बिजनौर सदर विधानसभा सीट रालोद अपने पास रखना चाहेगा, लेकिन सपा चांदपुर सीट मुश्किल से ही छोड़ेगी। सहारनपुर में नकुड़ और गंगोह विधानसभा सीट पर रालोद दावा कर रहा है। इसी क्रम में मुज़फ्फरनगर की चरथावल, बुढ़ाना और खतौली विधानसभा सीट पर जयंत अपने प्रत्याशी उतारना चाहेंगे।
गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में सपा ने बागपत से चुनाव लड़ रहे जयंत और मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ रहे चौधरी अजीत सिंह को समर्थन किया था। अखिलेश यादव ने बागपत के बलैनी में जयंत के समर्थन में आयोजित रैली में भी भाग लिया था।  बिजनौर की चांदपुर, सहारनपुर की गंगोह, बागपत की बड़ौत, मथुरा की मांट व छाता, शामली की थानाभवन, बुलंदशहर की शिकारपुर के अलावा मुजफ्फरनगर की चरथावल सीट पर रस्साकशी चल रही है।  मथुरा की मांट सीट पर भी दोनों दलों के अपने-अपने दावे हैं। रालोद और सपा के बीच इस बार प्रत्याशी और सिंबल भी अदल-बदल कर चुनाव लड़ने की संभावना है। जिन सीटों पर सहमति नहीं बन रही है, वहां पर प्रत्याशी दूसरी पार्टी और सिंबल दूसरी पार्टी का हो सकता है। ऐसा करने से दोनों दल अपने-अपने टिकटार्थियों को संतुष्ट करना चाहते हैं।
चौधरी जयंत सिंह से रालोद के कुछ नेता दिल्ली वसंत कुंज आवास पर भेंट कर भी आए हैं। इस बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। चौधरी जयंत सिंह ने आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय लोक दल मजबूती के साथ विधानसभा का चुनाव लड़ेगी और गठबंधन में सम्मानजनक और मजबूत स्थिति में उभर कर आएगी। किसी भी कार्यकर्ता का मनोबल गिराने का काम राष्ट्रीय लोक दल नहीं करेगी। चौधरी जयंत सिंह की होने वाली परिवर्तन संकल्प रैली को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय लोकदल जिला मेरठ ने मीटिंग की और सभा को संभोधित करते हुए क्षेत्रिय अध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह जी ने पार्टी के सभी सम्मन्नित पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ताओं को आह्वान किया की परिवर्तन संकल्प रैली को सफल बनाने के लिए क्षेत्र में गांव-गांव जाकर जीतोड़ मेहनत करके सभा को सफल बनाने का कार्य करें। PLC

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