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Friday, December 4th, 2020

गुपकार समझौते ने कश्मीर में बढ़ाई सियासी हलचल

श्रीनगर, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के रिहा होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. गुरुवार को राज्य के कई राजनीतिक दलों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें एक नया गठबंधन बनकर उभरा. गुरुवार को हुई बैठक में जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने 'गुपकार समझौते' पर चर्चा की. इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी समेत अन्य चार पार्टियों के नेता शामिल हुए. ये बैठक नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला द्वारा बुलाई गई थी. फारूक अब्दुल्ला के घर पर हुई यह बैठक करीब दो घंटे चली. वहीं इस मामले में बीजेपी आज बैठक करेगी. महबूबा मुफ्ती आज प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकती हैं.

जम्मू-कश्मीर में नए गठबंधन की घोषणा
गुपकार बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियां, जो गुपकार समझौता की हस्ताक्षरकर्ता हैं, ने एक गठबंधन बनाया है और इसे पीपुल्स अलायंस का नाम दिया है. बता दें कि गुपकार समझौते में इन राजनीतिक दलों ने जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति के साथ छेड़छाड़ की अनुमति नहीं देने की कसम खाई थी. इस नए गठबंधन में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के अलावा पीसी, सीपीआई (एम), एएनसी और जेकेपीएम भी शामिल हैं.

फारूक अब्दुल्ला ने सरकार से की ये मांग
गुपकार बैठक में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम महबूबा मुफ्ती को 14 महीने बाद हुई उनकी रिहाई के लिए बधाई देने के लिए इकट्ठा हुए हैं. हमने इस गठबंधन को गुपकार समझौता कहने का फैसला किया है. हम भारत सरकार से राज्य के लोगों का अधिकार वापस मांगते हैं. जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक मुद्दे को हल करने की जरूरत है. हम सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग करते हैं. हम फिर से मिलेंगे और एक रणनीति तैयार करेंगे.

महबूबा मुफ्ती बोलीं- 6 पार्टियों का है गठबंधन
इस मुद्दे पर गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी एक ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में महबूबा मुफ्ती ने लिखा है कि गुपकार समझौता नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीडीपी, पीसी, सीपीआई (एम), एएनसी और जेकेपीएम का संयुक्त गठबंधन है जो जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों और सम्मान को बहाल करने के लिए प्रयासरत है.

बीजेपी ने भी बुलाई एक आपात बैठक
भारतीय जनता पार्टी की जम्मू-कश्मीर ईकाई ने केंद्र शासित प्रदेश के बदले राजनीतिक हालात पर चर्चा करने के लिए पार्टी की आपात बैठक शुक्रवार को बुलाई है. बीजेपी की यह आपात बैठक केंद्र शासित प्रदेश में कश्मीर से संबंधित पार्टियों के गठबंधन की घोषणा के बाद बुलाई गई है. केंद्र शासित प्रदेश के बीजेपी के शीर्ष नेताओं रविंदर रैना, कविंदर गुप्ता, डॉक्टर निर्मल सिंह अशोक कौल के इस आपात बैठक में शामिल होने की उम्मीद है. इस बैठक में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के नेताओं को भी बुलाया गया है. पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीजेपी की कोशिश कश्मीर में बने नए गठबंधन की ताकत को जवाब देने की है.PLC.

 

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