पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह का काफी मनाने के बाद अब कांग्रेस ने उन पर खुलकर हमला बोलना शुरू कर दिया है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने कहा, पार्टी आलाकमान लगातार उन्‍हें कई मुद्दों की याद दिलाती थी लेकिन बरगदी, ड्रग्स और बिजली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कैप्‍टन का ध्‍यान ही नहीं था. वह जनता से किए अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे थे. पूरे राज्‍य में इस बात की सुगबुगाहट थी कि कैप्‍टन अंदर ही अंदर बादल की मदद कर रहे हैं. मैं खुद उनके पांच बाद इन मुद्दों पर चर्चा कर चुका हूं लेकिन कैप्‍टन इस तरफ कोई ध्‍यान नहीं दे रहे थे.

हरीश रावत ने कहा कि बरगदी मामले को जिस तरह से हैंडल किया गया वह भी कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के कार्यशैली पर सवाल उठाता रहा है. कैबिनेट की बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन बाद में पंजाब के कई प्रमुख मंत्री आए और शिकायत करते हुए कहा कि अब कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकती. नेताओं की शिकायतों को ध्‍यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया. पैनल ने जब पंजाब के सांसद, विधायक और पूर्व विधायक सहित 150 से अधिक प्रमुख नेताओं की बात सुनी तो सभी ने कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए. बड़ी संख्‍या में विधायकों ने उन्हें बदलने का सुझाव दिया.

हम उम्‍मीद कर रहे थे क‍ि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह पार्टी के फैसलों को स्‍वीकार करेंगे और पंजाब में पार्टी को और मजबूत करने में मदद करेंगे. इस सिलसिले में मैंने उनसे तीन बार मिलने की कोशिश की. यहां तक की अपने कुछ कॉमन फ्रेंड के जरिए भी उन तक अपना संदेश भेजवाया लेकिन उन्‍होंने हम सभी से मिलने से इनकार कर दिया. मेरी तरह ही नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने भी उनका आशीर्वाद मांगा लेकिन वह उनसे भी मिलने को तैयार नहीं हुए. अब जब उनकी मुलाकात अमित शाह और भाजपा के संपर्क सूत्रों से हो गई है तो वह लोगों की हमदर्दी हासिल करने के लिए कांग्रेस पर अपमान करने की बात कर रहे हैं. PLC

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