Javed Anis

कोरोना, कट्टरता और पूर्वाग्रह का काकटेल

सावर्जनिक और निजी शिक्षा के भवंर में “शिक्षा का अधिकार”

क्या उज्ज्वला योजना अपने मकसद में कामयाब हो पायी है ?

मध्यप्रदेश- बच्चों के साथ त्रासदियों का पुराना सिलसिला

बिहार का बवंडर

हदों को तोड़ती “लिपस्टिक अंडर माई बुर्का”

कृषि संकट की जड़ें

त्राहि त्राहि नर्मदे

कुपोषण पर “श्वेत पत्र” का क्या हुआ ?

एर्दोआन से मुहब्बत और मोदी से नफरत, यह सुविधा का सेकुलरिज्म है

मजदूरों के लिए विपरीत समय

वेल्थ के हवाले हेल्थ

अनचाही बेटियाँ

मोदी सरकार का “कांग्रेसी” बजट ?

जहर बुझी राजनीति का नया दौर

धुवाँ उगलते शहर

उदारीकरण के दौर में मजदूर

निजीकरण के दौर में सरकारी स्कूल

डॉक्टरों की कमी से जूझता देश

अब जरूरत “इंडियन पानी लीग” की है

“की एंड का” के बहाने

कांग्रेस में “कमल” का शोर

आरटीई करण के 6 साल बाद स्कूली शिक्षा

मौजूदा छात्र प्रतिरोध और नये सियासी प्रयोग की संभावनायें

अब सभी को सभी से खतरा है

जाट आरक्षण आंदोलन का नया अल्टीमेटम

पातालकोट के नन्हे जुगनू

हथियारबंद संघर्षों में बच्चों का इस्तेमाल : सन्दर्भ -12 फरवरी, वर्ल्ड रेड हैंड डे

निशाने पर है भारत का वर्तमान स्वरूप

समीक्षा : किशोर न्याय अधनियम में बदलाव के मायने