डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी

Satire - जाहिद शराब पीने दे......

कहानी - : हरामजादा

Satire : बुजुर्ग एक्स. एम.एल.ए. की ‘विधायक बहू’

तैनाती चित्राँशी अफसरों की हलकान खबरनबीस, बहस जारी

Satire : पत्रकार भाई जी ‘लिव एण्ड लेट लिव, ईट एण्ड लेट ईट’

Satire : हाय फ्रेंड्स ! हाउ एम आई लुकिंग..............?

Satire : बुद्धिश्रमिक : हीन भावना से ग्रस्त एक बेवश प्राणी

पल्सर पल्सर पल्सर और पल्सर..........

ऐ शहर-ए-लखनऊ तुझे मेरा सलाम है......

डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी की कविताएँ

मुझे भी सम्मान की दरकार, क्या सम्भव है?

डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी की कविताएँ

अंग्रेजी तालीम : दैट व्हिच ऑल ग्लिटर इज नाट गोल्ड

जब वी मेट

नजरिया: मोदी और केजरीवाल के प्रति

नारी-अस्मिता और वोट बैंक

वर्ल्ड कप 2015 सेमीफाइनल : इस हार पर सवाल तो बनता ही हैं !

प्रेस फोटोग्राफर बनना एक बड़ी उपलब्धि

एंड्रॉयड/स्मार्ट फोन या ‘बेकिंग बाउल’ (भिक्षा-पात्र)

व्यंग्य : सबकी ‘होली’ एक दिन, अपनी ‘होली’ सब दिन

तौबा करिए ऐसे छपास रोगियों से

एक पत्रकार का जन्मदिन

ऐसे में कैसे बन पाऊँगा बेहूदा...?

कलमकार शर्मा जी के कलयुगी श्रवण कुमार

क्या मेरे साथ आप भी ‘हड़ताल-हड़ताल’ खेल खेलेंगे?*