अब्दुल रशीद लेखक

अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ़्तार और घटता रोजगार

तो क्या ऐसे ही साकार होगा "नए भारत" का सपना?

कॉर्पोरेट को सब्सिडी तो किसान को क्यों नहीं ?

दंगा देश के दामन पर दाग़ है