Close X
Sunday, November 1st, 2020

Success Story : हल्दी की खेती बनी किसानों की आय का साधन

आई एन वी सी न्यूज
रायपुर,

राज्य सराकार प्रदेश के किसानों को संबल बनाने के लिए फसल परिवर्तन सहित अन्य अधिक आययुक्त खेती-किसनी पर जोर दे रही हैं। इसी कड़ी में कोरिया जिले के किसान हल्दी के औषधीय गुणों एवं आर्थिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की मदद से शासकीय भूमि को चिन्हाकित कर सामूहिक रूप से हल्दी की खेती कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी योजना- नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी के अंतर्गत बाड़ी विकास की संकल्पना को साकार करने के लिए जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में चयनित गौठान ग्राम सोरगा, जामपानी, कोडिमार छरछा, रोझी, कुशहा, उमझर, दुधनिया, बरबसपुर व अमहर में गौठान समितियों द्वारा चयनित शासकीय भूमि और स्वयं की सामूहिक बाड़ियों में जिला पंचायत और कृषि विज्ञान केंद्र की एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अभिसरण से तकनीकी कार्ययोजना बनाकर लगभग 50 एकड़ में हल्दी की खेती की जा रही हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी ने बताया कि हल्दी की 10 महीने की फसल होती है। इसे अप्रैल-जून में लगाकर फरवरी-मार्च में इसे इस्तेमाल में ले सकते हैं। बीज के लिए अप्रैल तक रूक सकते है। हल्दी को मेड़ या फिर जमीन पर उगा सकते है। हर पौधे के बीच 50 सेंटीमीटर और लाइन के बीच की दूरी 20 सेंटीमीटर होनी चाहिए। हल्दी उत्पादन से शुद्ध लाभ 90 हजार से एक लाख रूपये तक हो सकता है। एक हेक्टेयर भूमि में 5 से 6 क्विंटल बीज की जरूरत होती है, जिससे 50 से 60 क्विंटल फसल प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि हल्दी की पत्तियों से तेल निष्कासन भी किया जा सकता है। पत्तियों में 2.5 से 3 प्रतिशत तक इसंेसियल ऑइल होता है।

हल्दी में कुर्कमिन या करक्यूमिंन औषधीय तत्व पाया जाता है जिसकी वजह से हल्दी का रंग पीला होता है। हल्दी की राइजोम या गांठ का प्रयोग पाउडर में किया जाता है। वही इसकी पत्तियों में भी इरोलियल ऑइल मिलता है, जिसका उपयोग अरोमा और कास्मेटिक इंडस्ट्री मे होता है। इसी महत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले के अंतर्गत गौठान ग्रामों का चयन कर हल्दी उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही कृषकों को भी सामुहिक बाड़ियों में हल्दी उत्पादन हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे कि कृषकों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो सके।

Comments

CAPTCHA code

Users Comment