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Sunday, November 28th, 2021

विनायक चतुर्थी का महत्व और इसकी विधि, मंत्र और मुहूर्त

भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता के रूप में माना गया है। किसी भी तरह के पूजा-पाठ में सर्वप्रथम उन्हीं को पूजा जाता है। किसी भी कार्य के प्रारंभ से पूर्व उनकी पूजा अनिवार्य है। ऐसा करने से वह कार्य बिना किसी विघ्न और बाधा के पूर्ण हो जाता है। भगवान गणेश शुभता, बुद्धि और ज्ञान के देवता हैं। उनके भाई कार्तिकेय और बहन अशोक सुंदरी हैं। हिंदओं के देवता भगवान गणेश की लोगों द्वारा पूजा की जाती है. भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र, गणेश को कई नामों से जाना जाता है जैसे गणपति, बाधाओं का निवारण करने वाले, लंबोदर, विनायक, गजानन और कई और भी हैं। भक्त, भगवान गणेश से सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने के लिए, नई और खुशहाल शुरुआत के लिए और अच्छे भाग्य के लिए प्रार्थना करते हैं। भगवान गणेश विघ्नहर्ता है या भक्तों के विघ्न को हर लेते हैं इसीलिए इन्हें प्रथम पूजनीय है उनकी पूजा-अर्चना करने से आपके घर में प्रसन्नता और सौहार्द का वास होता है. वो हमेशा लोगों का मंगल करने वाले हैं। अभी कुछ टाइम पहले भगवान गणेश को नम आंखों से विदाई दी गई थी गणेश चतुर्थी के अवसर पर।

विनायक चतुर्थी 2021 सभी हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है क्योंकि ये भगवान श्री गणेश को समर्पित है। ये शुभ दिन हर महीने हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अमावस्या, अमावस्या के बाद, शुक्ल पक्ष के दौरान चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने वाले भक्तों को बाधा रहित जीवन दिया जाता है। वहीं कई जगहों पर विनायक चतुर्थी को 'वरद विनायक चतुर्थी' भी कहा जाता है। इस दिन श्री गणेश की पूजा मध्याह्न में की जाती है।
इस महीने विनायक चतुर्थी 9 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन, भक्त एक दिन का उपवास रखते हैं और भगवान गणेश की पूजा करते हैं। इसे गणेश चतुर्थी से कम भी नहीं माना जाता है यह भी महत्वपूर्ण अफसरों में से एक है।

विनायक चतुर्थी 2021: तिथि और शुभ मुहूर्त

दिनांक: 9 अक्टूबर, शनिवार
शुभ तिथि शुरू: सुबह 10:58 बजे, 9 अक्टूबर
शुभ तिथि समाप्त: 01:18 दोपहर, 9 अक्टूबर
अभिजीत: 11:30 - 12:16
अमृत कलाम: 08:43 - 10:10

विनायक चतुर्थी का महत्व

भगवान गणेश हम हिंदुओं में महत्वपूर्ण देवताओं में से एक हैं ईद विघ्नहर्ता भी कहा जाता है इन लिये विनायक चतुर्थी के अवसर पर सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए ये व्रत काफी फलदायी है। भगवान श्री गणेश की कृपा से सिद्धि-बुद्धि, ज्ञान-विवेक की प्राप्ति होती है। व्रत के प्रभाव से इंसान धनी बनता है, वो तरक्की करता है। व्रत करने से इंसान को संतान की प्राप्ति होती है।

विनायक चतुर्थी 2021: पूजा विधि

- सुबह जल्दी उठकर नहाने के बाद साफ कपड़े पहन लें.

- पूजा सामग्री इकट्ठा करें और घर के मंदिर को साफ करें.

- गणेश जी को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें नए वस्त्र पहनाएं.

- तिलक करें, फूल, अगरबत्ती और मिठाई अर्पित करें.

- ऊं गं गणपतयै नमः का जाप करें. 21 बार गणेश आरती करके पूजा समाप्त करें.

- 5 लड्डू भगवान गणेश को और 5 लड्डू ब्राह्मणों को अर्पित करें क्योंकि ये शुभ है.
कृपया ध्यान दें: भगवान गणेश को तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं बल्कि दूर्वा घास चढ़ाएं.

विनायक चतुर्थी 2021: मंत्र

1. गणेश शुभ लाभ मंत्र
ऊं श्रीं गं सौभाग्य गणपतयै
वरवर्द सर्वजनं में वाष्मण्य नमः

2. वक्रतुंड गणेश मंत्र:
वक्रतुंडा महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ:
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा

3. गणेश गायत्री मंत्र
ऊं एकदंते विद्महे,
वक्रतुंड धीमही
तन्नो दंति प्रचोदयात् PLC

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