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Tuesday, October 26th, 2021

जांच धीमी होने से नाराज हुए शांता कुमार

विपक्षी दल कांग्रेस भाजपा सरकार को घेरने में लगी हैं।वहीं दूसरी ओर प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी ड्रिग्री फर्जीवाडे मामले में जांच में हो रही देरी पर कहा कि जिन लोगों को जेलों में बंद होने चाहिए,वे बाहर खुलेआम घूम रहे हैं। दरअसल, हिमाचल प्रदेश की दो प्राईवेट यूनिवर्सिटी ने छात्रों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी डिग्रियां तैयार कर बेचीं। करीब चार से पांच लाख फर्जी डिग्रियां बेची गई हैं।शिमला की एपीजी यूनिवर्सिटी और मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन ने डिग्रियों में धोखाधड़ी की है। अपने एजेंट के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल सहित दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में डिग्रियां बेची हैं। डिग्री के नाम पर लाखों रुपये लिए गए हैं। एक यूनिवर्सिटी ने तो करीब चार से पांच लाख तक डिग्रियां बेचीं। वहीं दूसरी ने करीब 15 हजार तक डिग्रियां छापी और बेचीं। दरअसल यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन को देशभर में फर्जी डिग्रियों से संबंधित शिकायत आई थी। जांच में सामने आया कि देशभर में 13 निजी विश्वविद्यालय हैं, जो फर्जी डिग्रियां बेच रहे हैं। यूजीसी ने हिमाचल सरकार को पत्र लिखकर मामले की जांच के आदेश दिए। सरकार ने जांच शुरू की और कुछ गिरफतारियां भी हुईं। लेकिन उसके बाद सभी आरोपी अदालत से जमानत लेने में कामयाब रहे, वहीं जांच भी घीमी हो गई।इसकारण अब हिमाचल सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा नेता शांता कुमार ने सरकार की घेरांबदी कर कहा कि जांच का तरीका सही नहीं है।धीमी जांच पर उन्होंने नाराजगी जताकर कहा कि जिन्हें जेल में होना चाहिये वह बाहर खुलेआम घूम रहे हैं।दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने हमीरपुर में इसकी जांच की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन आयोजित किया। कांग्रेस सोशल मिडिया के प्रदेश प्रभारी अभिषेक राणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जलूस की शक्ल में गांधी चौक तक नारेबाजी करते हुये आये।  PLC

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