पटना,

राजद ने अपने 3 विधायकों, महावीर प्रसाद यादव, प्रेम चौधरी और फराज फातमी, को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इन विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। पटना प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में महासचिव आलोक मेहता ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह तीनों विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। लिहाजा राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के निर्देश पर इन सभी को 6 वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया। बता दें कि ये तीनों विधायक लगातार राजद के खिलाफ जाकर काम कर रहे थे।

जमीनी तैयारी को राजद की आयोग पर नजर

राजद कोराना संक्रमण को देखकर अभी चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। उसने अपनी बात चुनाव आयोग के सामने भी रख दी है, लेकिन अंतिम फैसला आयोग को ही लेना है, लिहाजा जमीनी तैयारी के लिए वह आज भी आयोग की तरफ ही देख रहा है। प्रचार को लेकर आयोग की गाइडलाइन जारी होने के बाद ही वह खुलकर सामने आएगा। राजद प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन का साफ कहना है कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार कर रही है। पार्टी की प्राथमिकता चुनाव नहीं है। जनता की परेशानी दूर करने में हमारे नेता लगे हैं, लेकिन अगर चुनाव की घोषणा आयोग करेगा तो उसके द्वारा तय दिशा निर्देश का पालन कर हम भी मैदान में उतरेंगे। राजद अभी ऊहापोह में है। इलेक्ट्रोनिक माध्यमों के सहारे पार्टी नेता तेजस्वी यादव जिलाध्यक्षों से बात करते हैं, लेकिन वह भी चुनाव पर कम और कोरोना व बाढ़ को लेकर ज्यादा। बावजूद सरकार की कमियों को जनता तक ले जाने के टिप्स तो दिये ही जाते हैं। कार्यकर्ताओं को बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का निर्देश दिया है।

कांग्रेस व महागठबंधन दमखम से चुनाव लड़ेगा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा का कहना है कि कांग्रेस चुनावी की विरोधी नहीं है। हमने तो मौजूदा हालात में जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। संगठन स्तर पर हमारी पूरी तैयारी है। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा होने तक सहयोगी दलों संग सीट बंटवारा भी हो जाएगा। कांग्रेस और महागठबंधन पूरे दमखम से चुनाव लड़ेगा।

गौरतलब है कि कांग्रेस सहित महागठबंधन में शामिल दल कोरोना और बाढ़ का हवाला देकर चुनाव टालने की मांग करते रहे हैं। मगर अंदर ही अंदर चुनावी तैयारियां भी चल रही हैं। जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो फिलहाल सांगठनिक स्तर पर पार्टी चुनावी तैयारी में लगी है। सीट बंटवारे को लेकर कोई फैसला न होने के कारण पार्टी में अभी ऊहापोह की स्थिति है। मगर सभी वरिष्ठ नेताओं को जिलों में भेजकर मजबूत सीटों और प्रत्याशियों का आंकलन भी कराया जा रहा है। चूंकि अभी न चुनावी तिथियों का ऐलान हुआ है और न ही सीटों को लेकर ही तस्वीर साफ हुई है सो पार्टी ने संगठन स्तर पर चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। PLC

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