Tuesday, March 31st, 2020

NPR को देश के बुद्धिजीवियों ने किया खारिज

जमीअत उलेमा-ए-हिंद के बैनर तले आयोजित चर्चा में एनपीआर के खिलाफ "दिल्ली घोषणापत्र' पारित

जनता से कहा गया कि डेटा एकत्रित करने वालों से असहयोग प्रकट करें

घोषणपत्र में राज्य सरकारों से एनपीआर प्रक्रिया निलंबित करने की मांग

देशभर के प्रदर्शकारियों की कुर्बानियों को सलाम

 

आई एन वी सी न्यूज़              

नई  दिल्ली ,  

सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर आज जमीअत उलेमा-ए- हिंद मुख्यालय नई दिल्ली में ‘जागरुक भारतीय नागरिकों के बीच चर्चा शीर्षक से एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना कारी सैय्यद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने की। इस कार्यक्रम के संयोजक जमीअत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी और संयुक्त संयोजक कमाल फारूकी थे। कार्यक्रम में सभी धर्मों से संबंधित देश के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, दलित नेताओं और सभी मुस्लिम संगठनों के लोग शामिल हुए।  


बैठक में लगभग चार घंटे की लंबी चर्चा और विभिन्न कानूनी मामलों पर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से एक घोषणापत्र पारित किया गया, जिसका नाम ‘दिल्ली घोषणापत्र’ दिया गया है। इस घोषणापत्र में स्पष्ट रूप से जल्द होने वाले एनपीआर को अस्वीकार करने के लिए घोषणा की गई और जनता से कहा गया कि एनपीआर एक अप्रैल से 30 सितम्बर 2020 तक होगा। डेटा एकत्रित करने वाले घर घर जाएंगे, हमें विनम्रता के साथ उनसे सहयोग करने से इनकार करना चाहिए और उन्हें किसी तरह की जानकारी प्रदान नहीं करनी चाहिए।

ज्ञात हो कि चर्चा में एक मसौदा समिति भी बनाई गई थी जिसके अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री के रहमान खान थे।


 इस समिति में प्रसिद्ध टिप्पणीकार अबू सालेह शरीफ, ईसाई नेता जान दयाल, अनिल चमड़िया, एमएमआर अंसारी, कासिम रसूल इलियासी, धनराज वंजारी और ओवैस सुल्तान खां शामिल थे। कमेटी ने अपने प्रस्तव को लेकर कानूनी पहलुओं का भी अवलोकन लिया और फिर उपस्थित लोगों की सहमति से सर्वसम्मति से सात सूत्रीय घोषणापत्र पारित किया है जो निम्नलिखित है।

 

1.            हम स्पष्ट रूप से एनपीआर अस्वीकार करते हैं क्योंकि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का खुला उल्लंघन है। एनपीआर नागरिकता कानून 1955 और नागरिकता नियम 2003 के तहत एनआरसी तैयार करने की दिशा में डेटा जमा करने के लिए पहला कदम है। यह साफ तौर पर भेदभावपूर्ण, विभाजनकारी, बहिष्कारी और असंवैधानिक है और यह समुदायों को धर्म, जाति, वर्ग और लिंग के आधार पर अलग करने वाला है।

2.            एनपीआर की प्रक्रिया 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2020 तक चलेगी। डेटा जमा करने वाले घर-घर का दौरा करेंगे। हमें विनम्रतापूर्वक उन्हें सहयोग करने या किसी भी तरह की जानकारी उपलब्ध कराने से मना करना चाहिए।

3.            हम सभी राज्य सरकारों से एनपीआर प्रक्रिया को तत्काल बंद करने की अपील करते हैं। इसके अलावा हम कानून-व्यवस्था से जुड़ी सभी एजेंसियों से अपील करते हैं कि वे भारतीय लोगों के विरोध-प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार कर सम्मान करें।

4.            हम विभिन्न राज्यों विशेषकर उत्तर प्रदेश में पुलिस फायरिंग में निशाना बनाकर मारे गए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की कार्रवाई की कठोर शब्दों में निंदा करते हैं। उत्तर प्रदेश शांतिपूर्ण असहमति को सरकारी तंत्र द्वारा दमन किए जाने की प्रयोगशाला बन चुका है। हम पुलिस फायरिंग, सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने, बेकसूरों की गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारी नागरिकों से पेनाल्टी की विचित्र वसूली की निंदा करते हैं।

5.            हम देशभर के कई शाहीन बागों में चलने वाले बिना धर्म के किसी भेदभाव के युवाओं, छात्रों और महिलाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की सराहना करते हैं।

6.            हम देशद्रोह और ऐसे दूसरे काले कानूनों के तहत लोगों की पक्षपातपूर्ण की गई गिरफ्तारियों की निंदा करते हैं। इसके साथ ही हम उनकी तत्काल और बिना शर्त रिहाई और उनके विरुद्ध लगाए गए सभी तरह आरोपों को खारिज करने की मांग करते हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान देशभर में हुई शारीरिक क्षति, मानसिक तनाव, सम्पत्तियों को हुए नुकसान और सामानों की क्षति के लिए उचित मुआवजा दिए जाने की मांग करते हैं।

7.            हम लोगों से हर हाल में शांति बनाए रखने और किसी तरह के उकसावे, दुष्प्रचार और अभियान को खत्म करने की साजिशों में न आने की अपील करते हैं।

 

इस सभा में उपस्थित लोगों की सूची

मुअलना कारी सैय्यद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी, मौलाना महमूद मदनी, कमल फारूकी,अबू सालेह शरीफ, अबु बकर सब्बाक, अंबरीश राय, अमरीक सिंह बंगर एम एम अंसारी, आसिफ अंजर नदवी, बेलैया नायक तेजावथ, दलीप निम, मावल्ली शंकर,जॉन दयाल,के रहमान खान,ओवैस सुल्तान खान, एमजे खान, मीनाक्षी सखी,मुज्तबा फारूक, शब्बीर नदवी, नरेंद्र कुमार शर्मा, पीएमए सलाम, एसक्यूआर इलियास, सामी सलमानी, शकील अहमद सैय्यद,नदीम खान, जीशान अहमद, खालिद अंसारी,मल्लवी पवन कुमार, जितेंद्र दक्ष, बिशंभर पटेल, पीर खालिक अहमद, राहुल चंदन, राकेश बहादुर, राकेश रफीक, डूंगर राम गेदार, धर्मपाल करटारिया, बीआर भास्कर प्रसाद, सुशील गौतम, टी जॉन, धनराज वंजारी, डॉ ई सावंत, वीके त्रिपाठी, गुलजार सिंह, हाजी मोहम्मद मोहम्मद हारुन, वेदपाल सिंह, जयपाल सिंह , रंजीत सिंह,तेज सिंह प्रियदर्शी तेलंग, रत्नेश काटुलकर,मोहम्मद साजिद,इम्तियाज पीरजादा

मुश्फिक रजा खान,सैय्यद अहमद, अब्दुल वाहिद खत्री, हाफिज नदीम नदीम सिद्दीकी, कालू राम, धना राम मेहदा, धर्मपाल कटारिया,  अद्दंकी दयाकर, लक्ष्मण बापूराव माने , जयकांत मिश्रा, अनवर पाशा, नियाज अहमद फारुकी, सैय्यद दानिश,उज्मी  जमील , जनाब सलीम इंजीनियर जमाते इस्लामी हिन्द, डॉ जफरुल इस्लाम खान, अनिल चमड़िया मोहम्मद शीश,राजकुमार जैन, मोहम्मद अदीब, सैफुल्लाह, खालिद सैफी, विशंभर पाटिल

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