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Friday, September 17th, 2021

मातृभाषा हिंदी को समृद्ध बनाया जाना चाहिए

~ हिन्दी ही हमारे देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है- एनडीएमसी, सचिव डा.बी.एम. मिश्रा

~ हिन्दी के विकास के लिए कार्यालयों में रिक्त पड़े पदों को तुरंत भरा जाना चाहिए- श्री. आर.एन. सिंह 
आई एन वी सी न्यूज़  
नई  दिल्ली ,

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् द्वारा आयोजित हिंदी दिवस के अवसर पर भारत के स्वाधीनता समर और नव-जागरण का बुलंद स्वर पर आयोजित कार्यशाला में आज एनडीएमसी के सचिव, डा.बी.एम. मिश्रा ने कहा कि हम अपनी मातृभाषा हिंदी को समृद्ध एवं सुद्रढ़ बनाने हेतु हमे संकल्प लेना चाहिए। हम सब ऐसे ही प्रयाशों से अपनी भाषा को समृद्ध बना सकते हैं।उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने मन की बात दूसरे से सम्पर्क करने के लिए भाषा ही एक उचित और प्रभावी माध्यम है। मन में कितने ही विचार आते हैं यदि हम उनको दूसरे तक नहीं पहुंचा पाते हैं तो उनका ठीक-ठीक मूल्यांकन नहीं हो सकता। हिन्दी ही हमारे देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।

      उन्होंने कहा हमें गर्व होना चाहिए कि भाषा ही आधुनिकता की परिचायक है और इसलिए हिन्दी का सर्वाधिक प्रयोग करें।

      इस अवसर पर भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के सलाहकार श्री. सूर्य प्रकाश सेमवाल मुख्य अथिति थे 

      निदेशक (जनसम्पर्क एवं हिंदी प्रभारी) श्री आर.एन. सिंह ने कहा कि आज हिन्दी पखवाड़े का प्रथम दिवस है, जो कार्यशाला के रूप में मनाया गया है। उन्होंने हिन्दी के प्रति जागरूकता व्यक्त करते हुए कहा कि आज इस बात की जरुरत है कि हम हिन्दी को सरकारी कम काज की भासा के रूप में प्रयोग में लाये जिससे आम आदमी को सरकार के कम काज की जानकारी ठीक-ठीक मिल सके ।

      उन्होंने कहा कि कार्यालयों में हिन्दी के बहुत पद रिक्त पड़े  है, उन्हें जल्द से जल्द भरा जाये ताकि हिन्दी के प्रचार प्रसार में मदद मिल सके ।

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