सचिन पायलट और राहुल गांधी की दो हालिया मुलाकातों के बाद राजस्थान कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। आगामी 1 अक्टूबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जयपुर आएंगे। जयपुर दौरे के दौरान दिग्विजय सिंह मीडिया के समक्ष पेट्रोल, डीजल और महंगाई के मुद्दे को लेकर पार्टी का पक्ष रखेंगे। दूसरी तरफ पार्टी सूत्रों का दावा है कि सिंह पीसीसी में मंत्रियों, विधायकों और पदाधिकारियों से मुलाकात कर फीडबैक भी ले सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से जारी किए गए कार्यक्रम में इसका जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन राजनीति सरगर्मियों के बीच हो रहे दिग्विजय सिंह के दौरे को राजस्थान के लिए अहम माना जा जा रहा है।
आगामी कुछ समय बाद गोवा, पंजाब, मणिपुर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों में राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस में एक कमेटी का गठन किया गया है। दिग्विजय सिंह इस कमेटी के चेयरमैन हैं। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह का जयपुर दौरा इसी सिलसिले में हो रहा है। इस बीच राजस्थान में चल रही राजनीतिक सरगर्मियों के कारण सिंह के विधायकों, मंत्रियों और पदाधिकारियों से फीडबैक लेने की चर्चा से पार्टी में एक बार फिर से हलचल बढ़ गई है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि पांच राज्यों में होने वाले चुनावों से पहले कांग्रेस प्रभारी महासचिवों और सचिवों की भी नई सूची जारी कर सकती है। इनमें राजस्थान के भी कुछ बड़े नाम शामिल किये जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिये तर्क के तौर पर हाल ही में दिल्ली में सचिन पायलट और राहुल गांधी की हुई दो मुलाकातों का हवाला दिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पंजाब के घटनाक्रम के बाद पायलट और राहुल की मिटिंग संगठन में फेरबदल पर भी विस्तार से चर्चा हुई थी। उस मुलाकात का परिणाम इस नई सूची में सामने आ सकता है। उल्लेखनीय है कि पंजाब के घटनाक्रम के बाद राजस्थान कांग्रेस में अंदरुनी तौर पर सियासी पारा गरमाया हुआ है। कोई नेता खुलकर कुछ भी नहीं बोल रहा है लेकिन अंदर ही अंदर सरकार और संगठन में कई तरह के बदलावों के कयास लगाये जा रहे हैं। PLC

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