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Sunday, October 24th, 2021

भारत अधिक से अधिक लोगों को अफगानिस्तान से बाहर लाने की कोशिश कर रहा है

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए आज केंद्र ने सर्वदलीय बैठक  बुलाई. इस बैठक में 30 से ज्यादा दलों के नेताओं ने भाग लिया. बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान के हालतों से राजनीतिक पार्टियों को अवगत कराया और यह भी बताया कि भारत का क्या नजरिया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में संकट  बेहद गंभीर है और सरकार की प्राथमिकता वहां फंसे भारतीयों को बाहर निकालने की है.विदेश मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन देवी शक्ति के तहत भारत कुल 6 उड़ानें संचालित कर रहा है और हम अधिकांश लोगों को वापस लेकर आए हैं. उन्होंने बताया कि कुछ लोग वापस नहीं आ पाए क्योंकि वह उड़ान के समय एयरपोर्ट नहीं पहुंच पाए थे. विदेश मंत्री ने बताया कि आज गुरुवार को अभी 37 लोगो को वापस लाया गया है और हमारी पूरी कोशिश है कि सभी लोगों को वहां से बाहर निकाल लें. सूत्रों की मानें तो सरकार ने नेताओं को जानकारी देते हुए कहा कि सरकार अभी तालिबान के मसले पर वेट एंड वाच के मोड़ पर है.

अब तक 564 लोगों को वापस लाया गया
साढ़े तीन घंटे तक चली इस सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों के ज्यादातर सवाल नागरिकों की सुरक्षा और बचाव से संबंधित थे. विदेश मंत्री ने विपक्षी दलों को बताया कि अभी तक अफगानिस्तान से करीब 565 लोगों को निकाल लिया गया है. इसके साथ ही विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी आपातकालीन नंबर पर करीब 3 से ज्यादा कॉल्स का जवाब दिया गया है.विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि सर्वदलीय बैठक में शामिल होने वाले सभी दलों ने सरकार के साथ होने की बात कही. डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि तालिबान ने दोहा में शांति समझौते के बात को कायम नहीं रखा. विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अधिक से अधिक लोगों को अफगानिस्तान से बाहर लाने की कोशिश कर रहा है, मंत्री ने कहा और भारतीय कर्मियों को निकालना एक “सर्वोच्च प्राथमिकता” थी.

विपक्ष ने की सराहना
जयशंकर के भाषण के बाद, सभी विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से अफगानिस्तान में संकट पर सरकार की स्थिति पर बधाई दी और भारत के निकासी कार्यक्रम के लिए मंत्री की सराहना की. जयशंकर के अलावा, केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी संसद भवन अनुबंध में ब्रीफिंग के दौरान मौजूद थे। अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत रुद्रेंद्र टंडन और विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला भी उपस्थित थे.PLC

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