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Tuesday, September 28th, 2021

डेयर टू ड्रीम 2.0 में  IIT रुड़की ने नाम किया रौशन

पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में डीआरडीओ द्वारा आरम्भ राष्ट्रीय स्तर की नवाचार चुनौती "डेयर टू ड्रीम 2.0" में आईआईटी रुड़की ने नाम किया रौशन 
प्रो. सुदीप्ता सरकार “डेयर टू ड्रीम 2.0” के "इको-फ्रेंडली एक्सप्लोसिव वेस्ट मैनेजमेंट" अनुक्षेत्र में विजेता घोषित। 
लॉग 9 मटीरियल्स - आईआईटी रुड़की में टीआईडीईएस द्वारा विकसित किये गए पहले स्टार्टअप - ने “मटीरियल्स एंड टेक्नोलॉजीज फॉर फायर सप्रेशन / प्रोटेक्शन” अनुक्षेत्र में द्वितीय पुरस्कार जीता ।

आई एन वी सी न्यूज़
रुड़की ,

प्रो. सुदीप्ता सरकार और लॉग9 मटीरियल्स (आईआईटी रुड़की में टीआईडीईएस द्वारा विकसित पहला स्टार्टअप), भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में माननीय प्रधान मंत्री द्वारा घोषित और माननीय रक्षा मंत्री द्वारा प्रवर्तित "डेयर टू ड्रीम 2.0" नवाचार प्रतियोगिता (इनोवेशन चैलेंज) में अपने-अपने अनुक्षेत्रों (डोमेन) में विजेता घोषित किए गए हैं।  

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन [डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गैनाइज़ेशन (डीआरडीओ)] ने भारतीय रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी  (इंडियन डिफेन्स एंड एयरोस्पेस ) जरूरतों के लिए भविष्य में संभाव्य और ग्रहणीय नवीन विचारों और प्रौद्योगिकियों की पहचान और प्रोत्साहन,और माननीय प्रधान मंत्री द्वारा परिकल्पित "आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य को साकार करने हेतु प्रतियोगिता आयोजित की। प्रतियोगिता में पांच वर्टिकल थे और यह प्रतियोगिता "व्यक्तिगत" और "स्टार्टअप" श्रेणियों में भारतीय नागरिकों के लिए खुली थी । प्रतियोगिता का उद्देश्य स्टार्टअप्स और व्यक्तिगत नवोन्मेषकों को सम्मिलित करके रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी  (डिफेन्स एंड एयरोस्पेस ) में नवाचार और प्रौद्योगिकी (इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी) के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना और भविष्य में संभाव्य और ग्रहणीय अनुसंधान  (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) का विकास है । डेयर टू ड्रीम 2.0 नवाचार प्रतियोगिता के प्रत्येक वर्टिकल के लिए एक विजेता घोषित किया गया था।

प्रो. सुदीप्ता सरकार द्वारा समस्या अनुक्षेत्र (प्रॉब्लम डोमेन) "इको-फ्रेंडली एक्सप्लोसिव वेस्ट मैनेजमेंट" में प्रस्तुत "हाइब्रिड अनएरोबिक रिएक्टर एंड  माइक्रोबियल फ्यूल सेल फॉर एन्हांस्ड बायोडिग्रेडेशन एंड एनर्जी हार्वेस्टिंग फ्रॉम वेस्टवाटर कंटेनिंग टीएनटी-एचएनएमएफसी” नामक प्रविष्टि को विजेता घोषित किया गया। प्रो. सरकार ने हानिरहित और सस्ते रसायनों और रोगाणुओं का उपयोग करके टीएनटी युक्त अपशिष्ट और अपशिष्ट जल के उपचार के लिए एक नई प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा, जिसमें न्यूनतम या कोई शुद्ध ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती है। टीएनटी भारतीय रक्षा क्षेत्र में बहुतायत में इस्तेमाल किया जाने वाला विस्फोटक है। अपेक्षाकृत स्थिर यौगिक होने के कारण, टीएनटी जल्दी विघटित नहीं होता ।

इसके अलावा रुपये का नकद पुरस्कार। 5 लाख की नकद इनामी राशि के अलावा, प्रो. सरकार को इस तकनीक को और विकसित कर के व्यावसायीकरण के स्तर तक लाने के लिए 90% तक अनुदान सहायता
प्रस्तावित की गयी है । प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण के इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रो. सरकार पहले से ही एक स्टार्टअप स्थापित करने के लिए कार्य कर रहे हैं।
प्रो. सरकार पर्यावरण इंजीनियरिंग विशेषज्ञ हैं। औद्योगिक और नगरपालिका जल और अपशिष्ट जल उपचार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, और पर्यावरण नैनो प्रौद्योगिकी के लिए नवीन प्रक्रियाओं और सामग्रियों का विकास उनकी रुचि के क्षेत्र हैं।

लॉग 9 मैटेरियल्स साइंस प्राइवेट लिमिटेड, आईआईटी रुड़की में टीआईडीईएस द्वारा विकसित पहला स्टार्टअप है। स्टार्टअप श्रेणी में "डेयर 2 ड्रीम 2.0" नवाचार प्रतियोगिता में लॉग 9 मैटेरियल्स साइंस प्राइवेट लिमिटेड ने द्वितीय पुरस्कार जीता । लॉग 9 ने “मटीरियल्स एंड टेक्नोलॉजीज फॉर फायर सप्रेशन / प्रोटेक्शन” अनुक्षेत्र में भाग लिया, उनकी प्रविष्टि का शीर्षक "नॉवेल एंड एफिशिएंट एल्युमीनियम क्रॉसलिंक्ड ग्राफीन ऑक्साइड फॉर फायर प्रोटेक्शन इन डिफेन्स ऍप्लिकेशन्स" था।

लॉग 9 ने एक सरल और प्रभावी संघटक प्रस्तुत किया - एल्युमीनियम क्रॉसलिंक्ड ग्राफीन ऑक्साइड - जो उच्च तापमान पर काम करने वाले उपकरणों, निकटता सूट, आग से बचाने वाले कंबल, सैन्य उपकरण और कई अन्य रक्षा अनुप्रयोगों के लिए अग्निरोधी सामग्री के रूप में प्रयोग करने योग्य है। इसके अलावा, यह परिवेशी वायु में दहन का प्रतिरोध करता है और उत्पाद की थर्मल स्थिरता में सुधार करता है। अभिनव समाधान के लिए, लॉग 9 ने अनुक्षेत्र (डोमेन) में द्वितीय पुरस्कार जीता, जिसमें रु 8 लाख की राशि सम्मिलित थी । लॉग 9 का कार्य आग के खतरों को कम करने और कर्मियों और उपकरणों को होने वाली क्षति को कम करने हेतु  प्रेरित है। कई घटनाओं ने पारंपरिक अग्निरोधी कोटिंग्स और सामग्रियों की सीमाओं को रेखांकित किया है, जो डोमेन में सुधार की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालते हैं।

लॉग 9 मैटेरियल्स की स्थापना 2015 में आईआईटी रुड़की में अक्षय सिंघल, कार्तिक हजेला और पंकज शर्मा द्वारा की गई थी। आईआईटी रुड़की ने आवश्यक बुनियादी ढांचे, परामर्श और प्रारंभिक बीज वित्त पोषण के के रूप में स्टार्टअप को सहायता दी । स्टार्टअप को सिकोइया से सीरीज-ए फंडिंग भी मिली। अक्षय और कार्तिक ने आईआईटी रुड़की में पढ़ाई की और क्रमशः मैटेरियल्स इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग से स्नातक किया। अक्षय आईआईटी रुड़की से नैनो टेक्नोलॉजी में पीएचडी करने गए, जबकि कार्तिक ने आईटीसी में कुछ समय के लिए काम किया। पंकज नैनोटेक्नोलॉजी में एक अनुभवी डीप-टेक उद्यमी हैं और उन्होंने अतीत में दो स्टार्टअप की स्थापना की है।

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, निदेशक, आईआईटी रुड़की ने प्रो. सरकार और लॉग9 को बधाई दी और कहा, “मैं प्रो. सुदीप्ता सरकार और लॉग9 टीम की इस उपलब्धि से प्रसन्न हूं। उनकी सफलता स्पष्ट रूप से आईआईटी रुड़की द्वारा उत्कृष्टता की खोज को दर्शाती है।"

प्रो. सुदीप्ता सरकार ने "डेयर टू ड्रीम 2.0" नवाचार प्रतियोगिता में समस्या क्षेत्र "इको-फ्रेंडली एक्सप्लोसिव वेस्ट मैनेजमेंट" में विजेता घोषित होने के बाद कहा, "मैं प्रतियोगिता में विजेता घोषित होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। सम्मान के लिए मैं डीआरडीओ का बहुत आभारी हूं। मैं अपने छात्रों के प्रति उनके अंतहीन समर्थन के लिए, और संस्थान के प्रति स्वतंत्र और नवीन सोच और विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए बहुत आभारी हूं। इस प्रयास में सिविल इंजीनियरिंग विभाग का समर्थन महत्वपूर्ण रहा है। मैं अपने काम के माध्यम से संस्था और अपने राष्ट्र की सेवा करने का प्रयास करता रहूंगा”।

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