यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) और होम फर्स्ट फाइनेंस कंपनी इंडिया लिमिटेड ने ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर होम लोन देने के लिए एक रणनीतिक को-लेंडिंग साझेदारी की है। इस साझेदारी का उद्देश्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र में रिटेल होम लोन कस्टमर्स को एक सहज अनुभव प्रदान करना है। जिससे कि होम लोन लेने वाले व्यक्ति दोनों संस्थाओं के द्वारा प्रदान किए जानी वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

दोनों संस्थाओं की यह साझेदारी होमफर्स्ट को अपने परिचालन वाले भौगोलिक क्षेत्रों में ग्राहकों के लिए कंपनी के उत्पाद की पेशकश का विस्तार करने में सक्षम बनाएगी। इसके अलावा यह कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी आधारित कस्टमर-फर्स्ट की रणनीति को जारी रखेगी।

साल 1919 में स्थापित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भारत के सबसे पुराने और बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों में से एक है। सितंबर 2021 तक यूनियन बैंक के पास 9.14 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि थी जबकि बैंक का कुल एडवांस बुक 6.35 लाख करोड़ का था।

इस पार्टनरशिप के तहत होमफर्स्ट  आरबीआई के को-लेंडिंग मॉडल के अनुसार यूबीआई के साथ सहमति वाली क्रेडिट पॉलिसी के तहत लोन देगी। होमफर्स्ट न्यूनतम 20 फीसद लोन अपनी ओर से देगा जबकि 80 फीसद लोन यूबीआई की ओर से दिया जाएगा। होमफर्स्ट इस पार्टनरशिप के जरिए दिए गए लोन के लिए पूरे लोन साइकिल के दौरान सर्विसिंग एजेंट के तौर पर काम करेगा।

यह पार्टनरशिप आरबीआई द्वारा तय को-लेंडिंग फ्रेमवर्क पर आधारित है। यह एक तरह कोलैबरेशन मॉडल है जिसके तहत एक बैंक किफायती दर पर फंड देता है जबकि दूसरी और नॉन-बैंक किफायती तौर पर सोर्सिंग और सर्विस उपलब्ध कराता है।

इस समझौते को लेकर होम फर्स्ट फाइनेंस कंपनी इंडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ मनोज विश्वनाथन ने बयान देते हुए यह कहा कि, “हम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी करके काफी खुश हैं। इस साझोदारी के तहत अब हम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिपोजिट पर आधारित फ्रेंचाइज और अपने टेक्नोलॉजी पर आधारित मजबूत वितरण नेटवर्क का इस्तेमाल अब ज्यादा ग्राहकों को किफायती होम लोन सॉल्यूशन प्रदान करने के लिए करेंगे। यह साझेदारी आकांक्षी मिडिल क्लास को अधिक सहजता और पारदर्शिता के साथ होम लोन उपलब्ध कराने के हमारे मिशन को एक और कदम आगे की ओर बढ़ाती है।” PLC

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