ग्रहण 2022 की लिस्ट

साल का पहला सूर्य ग्रहण – 30 अप्रैल 2022
साल का पहला चंद्र ग्रहण – 16 मई 2021
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण – 25 अक्टूबर 2021
साल का दूसरा चंद्र ग्रहण – 8 नवंबर 2021

साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण

ज्योतिष विज्ञान में सूर्य देवता को आत्मा, पिता, राजा, नेतृत्व, मान-सम्मान, उच्च पद प्रतिष्ठा आदि का कारक माना जाता है। यह सिंह राशि का स्वामी है, मेष राशि में सूर्य देवता उच्च के और तुला राशि में नीच के माने जाते हैं। यदि सूर्य ग्रहण होता है तो इसका प्रभाव संबंधित कारक और सभी राशियों पर पड़ता है।

साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगेगा। ये आंशिक सूर्यग्रहण होगा जो वृषभ राशि में लगेगा। सूर्य ग्रहण दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से लेकर शाम के 04 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण दक्षिण और वेस्ट-साउथ अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका महासागर जैसे क्षेत्रों से दिखाई देगा। आंशिक होने के कारण भारत में इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव नहीं
पड़ेगा।

साल 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण

नए साल 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण ग्रहण 25 अक्टूबर 2021 को लगेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ये भी एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। दूसरा सूर्य ग्रहण यूरोप, साउथ-वेस्ट एशिया, नॉर्थ-ईस्ट अफ्रीका और अटलांटिक महासागर से देखा जा सकेगा। भारतीय समय के अनुसार दूसरा सूर्य ग्रहण शाम के 04 बजकर 29 मिनट से लेकर 05 बजकर 42 बजे तक लगेगा। भारत में इस आंशिक सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।

साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, माता, द्वव्य एवं श्वेत वस्तुओं का कारक माना जाता है। यह कर्क राशि का स्वामी है। चंद्र ग्रहण लगता है तो चंद्रमा से जुड़ी समस्त चीजों पर और सभी राशियों पर उसका प्रभाव पड़ता है। नए साल 2022 में पहला चंद्र ग्रहण 16 मई को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। जो सुबह 7 बजकर 02 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण साउथ-वेस्ट यूरोप, साउथ-वेस्ट एशिया, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों, साउथ अमेरिका, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर अंटार्कटिका और अटलांटिक महासागर से दिखाई देगा। सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले लग जाएगा।

साल 2022 का दूसरा चंद्रहण

2022 का दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को लगेगा। भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण इस दिन दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से शाम 7 बजकर 27 बजे तक लगेगा। साथ ही इस चंद्र ग्रहण को भारत, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी/पूर्वी यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में देखा जा सकेगा। ग्रहण सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले लग जाएगा।

ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण को एक अशुभ समयावधिक के रूप में देखा जाता है। ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा पीड़ित होकर दुर्बल अवस्था में होते हैं।

इसलिए ग्रहण के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है। खासकर इस अवधि में सूतक काल का विचार किया जाता है। ग्रहण का सूतक काल लगने से खाने-पकाने, पूजा-पाठ के अलावा अन्य प्रकार के शुभ कार्यों को पर रोक लग जाती है। नए साल 2022 में कुल चार ग्रहण लगने जा रहे हैं। इनमें दो सूर्य ग्रहण तो दो ही चंद्र ग्रहण हैं। PLC

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