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Friday, October 30th, 2020

ग्रीनपीस की ओर बढ़ी मुश्किलें - ग्रीनपीस के खिलाफ हिन्दू संगठन एकजुट

चन्द्र प्रकाश कौशिक,मुकेश जैनआई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली , ग्रीनपीस मामले में धर्म रक्षक श्री दारा सेना और हिन्दू संगठनों की बैठक हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक जी की अध्यक्षता में हिन्दू महासभा भवन में हुई। बैठक में केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी की प्रशन्सा की गयी कि उन्होंने ग्रीनपीस इंडिया जैसे भारत विरोघी सी आई ए के ऐजेन्ट नक्सली मिश्निरी आतंकवादी गैंग के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए उसके बैंक खातों को सील किया। बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक और श्री मुकेश जैन ने देश को आगाह किया कि ग्रीनपीस वो कुख्यात गिरोह है,जो अपने ईसाई उदयकुमार के द्वारा भारत की कुडन-कुलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध 200-200 रुपयों के भाडे के लोगों द्वारा करवा रहा था। उसके इन कुख्यात मंसूबों का खुलासा प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भी किया गया था। दुःख कि बात है कि ग्रीनपीस से जुडे जिस उदयकुमार पर देशद्रोह के सौ से ज्यादा मुकदमें हैं, ऐसे देशद्रोही को आम आदमी पार्टी के अरविन्द केजरीवाल ने पिछले लोकसभा चुनावों में टिकट दिया था।ग्रीन पीस के ही पंकज कुमार को भी अरविन्द केजरीवाल ने सिद्धि लोकसभा से टिकट दिया था।

जिस प्रकार से कुडनकुलम परियोजना के खिलाफ चलाये जा रहे आन्दोलन को कुख्यात देशद्रोही सी आइ ए के ऐजेन्ट मिश्निरी नक्सली आतंकवादी ईसाई बिनायक सेन ने झण्डी दिखा कर साथ दिया, उससे साफ है कि यह सब इन नक्सली ईसाई आतंकवादियों के बडे गैग द्वारा भारत की अखण्डता को खडित करके भारत को पूर्वी तिमोर और दक्षिणी सूडान की तरह एक अलग ईसाई देश बनाने का एक खतरनाक खेल चल रहा है। बैठक में दारा सेना के अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने बताया कि 5 मई 1954 में तत्कालीन केन्द्रीय गुह मंत्री डा. कैलाश नाथ काटजू ने संसद में अमेरीकी मिश्निरियों और पादरियों द्वारा उडीसा के सुन्दरगढ में वहां के जनजातिया लोगों को भडकाकर सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह को भडकाने के बारे में संसद में बताया था। बैठक में दारा सेना के अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि जिस प्रकार से ग्रीन पीस के वकील और पूर्व महा अधिवक्ता गोपाल सुब्रह्मणियम की पट्टी पढकर दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायधीश श्री राजीव शकधर ग्रीन पीस के कर्मचारियों के वेतन,वकीलो की फीस आदिं के लिये चिन्ता जाहिर कर रहे हैं और ग्रीन पीस का कार्यकारी निदेशक सामित आइच पत्रकार वार्ता में न्यायालय का फैसला ग्रीनपीस के पक्ष में आने की घोशना कर रहा है, यह न केवल देश के लिये शर्मनाक स्थिति है बल्कि आई बी द्वारा बताये देशद्रोहियों और सैनिकों के हत्यारे नक्सली मिश्निरी आतंकवादियों जैसे आस्तिनों के सापों का लालन-पालन न्यायधीशों द्वारा कराने का मामला भी बनता हैं। श्री जैन ने चिन्ता जाहिर की आज भारत की स्थिति ऐसी हो गयी है कि हर शख पर उल्लू बैठा है अन्जामें गुलिस्ता क्या होगा। जहां यहां पर के जी बालाकृष्णन् जैसे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित भ्रष्टतम् मुख्य न्यायधीशों और राजेन्द्र सच्चर,सी के ठक्कर,अल्तमस कबीर जैसे नक्सली मिश्निरी आतंकवादियों के साथी जजों की कमी नहीं है वहीं सी आई ए के ऐजेन्ट नक्सली अरविन्द केजरीवाल जैसे देशद्रोही तथकथित नेता भी राजनीति में आ चुके हैं। बैठक में हिन्दू संगठनों ने प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का अनुरोध जजों ने अपना स्वयं का निगरानी तंत्र बनाना चाहिये,और पूर्व न्यायधीश श्री मार्केन्डेय काटजू के बयान कि 80 प्रतिशत न्यायधीश भ्रष्ट है पर एक मत होते हुए कहा कि जिस प्रकार से सरकार द्वारा घोषित देशद्रोही ग्रीन पीस के मामलों को देख रहे दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायधीष राजीव शकधर महोदय ने लगातार सरकार और आइ बी की रिपोर्टाे को झूठा बताकर प्रिया पिल्लई की गिरफतारी और उसके नार्को टेस्ट को रोका और 1.87 करोड की रोकी गई विदेशी मदद को बहाल करके यह दिखाना चाहा कि ग्रीन पीस और न्यायधीश दूध के धुले सच्चे हैं और खुफिया ब्यूरों की रिपोर्ट झूठ का पुल्लिंदा है ,निष्चय ही देश की सुरक्षा को खतरे में डालना है। बैठक में शामिल हिन्दू संगठनों ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायधीश जी रोहिणी से अनुरोध किया है कि ग्रीनपीस के मामले को किसी अन्य निष्पक्ष न्यायधीश को दिया जाये और इससे जुडे सामित आइच और प्रिया पिल्लई का नार्को टेस्ट कराकर न केवल इनके देशद्रोही मंसूबों का खुलासा किया जाये बल्कि ग्रीन पीस के समर्थन में फैसला देने वाले राजीवशकधर जैसे न्यायधीश सच्चे है या भारत की आइ बी इसका भी समाधान किया जाये।

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