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Friday, January 22nd, 2021

एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस और उद्योगों के बीच की खाई को पटाना होगा

आई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,
भारद्वाज फाउंडेशन जयपुर ने वीडियो मीट प्लेटफार्म पर विषय....  " हाउ टू डू इंडस्ट्री अकेडमिआ इंटरफेसिंग स्मूथली एंड क्विकली का आयोजन   "मीटिंग विद स्टालवर्ट्स "  के साथ आयोजित किया |

इस वीडियो मीट ऑनलाइन प्रोग्राम में बोलते हुए भारद्वाज फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट पीएम भारद्वाज जो कि राष्ट्रीय स्तर के जाने वाले मोटिवेशनल व मैनेजमेंट गुरु भी हैं एवं भारत सरकार की चार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थानों के एमडी/ सीएमडी  भी रह चुके हैं ने कहा कि  भारतवर्ष को सुपर पावर बनाने के लिए जरूरी है कि एजुकेशनल  इंस्टीट्यूशंस एवं उद्योगों के बीच की खाई को पाटा जाए | दोनों को एक दूसरे के पूरक की तरह से काम करना चाहिए | नेशनल मोटीवेटर पीएम भारद्वाज ने कहा कि इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार  बच्चों को शिक्षा देनी चाहिए |

इस प्रोग्राम की शुरुआत एसआरएम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर संदीप संचेती ने अपने विचारों से की। प्रधान मंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के एंबेसेडर एवं यू एन आई एल ओ के सलाहकार डॉ. डी पी शर्मा जी के अनुसार इंडस्ट्री के क्लस्टर बनें तथा उनका निरंतर जुड़ाव शैक्षिक संस्थानों से किया जाना चाहिए। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के कुलपति प्रोफेसर जी के प्रभु, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर आर एल रैना, सिंबोसिस यूनिवर्सिटी पुणे के कुलपति डॉ अश्वनी कुमार शर्मा, ओम स्टर्लिंग यूनिवर्सिटी हिसार के कुलपति प्रोफेसर एन पी कौशिक, बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एच डी चारण, डॉ डी पी कोठारी पूर्व निर्देशक आईआईटी दिल्ली एवं पूर्व कुलपति बीआईटी यूनिवर्सिटी, हैवी वाटर प्लांट के पूर्व अध्यक्ष डॉ एन वर्मा, डाटा इंफोसिस के अध्यक्ष श्री अजय डाटा राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निर्देशक डॉक्टर सुधीर कल्ला ,जीनस ओवरसीज के डायरेक्टर एस एन विजयवर्गीय ,शोभित शर्मा जनरल सेक्रेटरी सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, श्री सीमेंट के पूर्व महाप्रबंधक एवं जाने-माने कवि मन मोहन शर्मा जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए |

मुख्य रूप से सभी ने इस बात को कहा कि करिकुलम बनाते समय उद्योगों के प्रतिनिधि की सलाह लेनी चाहिए, उद्योगों की आवश्यकता अनुसार कॉलेज  व यूनिवर्सिटी को अपनी लैबोरेट्री में इनोवेशन करने चाहिए, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के उद्योग के सानिध्य में आयोजित करने चाहिए , इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के लेक्चर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस मैं समय-समय पर होने चाहिए एवं उद्योगों के वरिष्ठ व्यक्तियों की नियुक्ति तकनीकी शिक्षा संस्थानों में करना लाभदायक होगा।

सभी ने  भारद्वाज फाउंडेशन जयपुर द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों की  मुक्त कंठ से प्रशंसा की |
भारद्वाज फाउंडेशन जयपुर के संस्थापक अध्यक्ष पीएम भारद्वाज ने सभी का धन्यवाद दिया एवं कहा कि वीडियो मीट भारत में बना हुआ  एक अच्छा प्लेटफार्म है इस तरह की मीटिंग के लिए एवं उन्होंने इसे बनाने के लिए डाटा इंफोसिस के चेयरमैन अजय डाटा जी एवं उनकी टीम की बहुत प्रशंसा की एवं सभी से अपील की कि इस स्वदेशी प्लेटफार्म को ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लाना चाहिए और उनकी यह अपील  वोकल  फॉर लोकल के तहत है | पीएम भारद्वाज ने यह भी कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है एवं सफल जीवन जीने के लिए इसमें कला बताई गई है अतः स्कूल व कॉलेज एजुकेशन करिकुलम में इस को जोड़ना जरूरी है |

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