डॉ डीपी शर्मा ने अपने जीवन के संघर्षपूर्ण सफरनामे में सामाजिक एवं शारीरिक चुनौतियों को भी चुनौतियां देते हुए दुनिया के क्षितिज पर अपना नाम अंकित करवा लिया है

आई एन वी सी न्यूज़  
नई  दिल्ली ,

राजस्थान के धौलपुर जिले की राजाखेड़ा तहसील में स्थित चंबल की घाटियों के बीच बसे समौना गांव के डॉ डीपी शर्मा अनेकों शारीरिक बाधाओं को पार कर एक बार पुनः गूगल सर्च लिस्ट में राजस्थान के 51 अति प्रतिष्ठित व्यक्तियों (वीआईपी) अर्थात विख्यात लोगों की सूची में लगातार चौथी बार भी शामिल किये गए हैं। जनवरी सन 2022 के प्रताप प्रथम सप्ताह में जारी राजस्थान के प्रसिद्ध व्यक्तियों की सूची में उनका नाम इस बार प्रथम पांच में शामिल किया गया है। यह खबर न केवल उनके चाहने वालों के लिए खुशी देने वाली है बल्कि उनके जन्म स्थान समौना, जिला धौलपुर एवं राजस्थान के लिए गौरव का अहसास कराने वाली है। 

इस सूची में ओलंपिक विजेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राजस्थान बांसी इंग्लैंड के स्टील किंग लक्ष्मी नारायण मित्तल, विख्यात गजल गायक जगजीत सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत, महाराणा प्रताप, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, महाराजा जयपुर भवानी सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं अन्य प्रतिष्ठित लोगों को भी शामिल किया गया है।
ज्ञात रहे कि डॉ डीपी शर्मा कंप्यूटर वैज्ञानिक होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय डिजिटल डिप्लोमेट भी हैं। यूनाइटेड नेशंस की आईएलओ से अंतरराष्ट्रीय परामर्श (सूचना तकनीकी) के रूप में जुड़कर वे अपनी सेवाएं दुनिया को दे रहे हैं। 

 
 सन 2017 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें एक स्वच्छ भारत मिशन के राष्ट्रीय एम्बेसडर  के रूप में मनोनीत कर भारत में सेवाएं देने के लिए आग्रह किया था। डॉ डीपी शर्मा द्वारा चलाए गए कैंपेन से स्वच्छ भारत मिशन के तहत अनेकों स्वच्छता संबंधी सुधार जमीनी हकीकत के रूप में दृष्टिगत हैं।

डॉ शर्मा का नाम गूगल की इस अंतरराष्ट्रीय लिस्ट में राजस्थान के विख्यात लोगों की लिस्ट में शामिल होना और वह भी वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों एवं उपराष्ट्रपति से भी रैंकिंग में पहले होना इस बात की ओर इंगित करता है कि उन्होंने अपने जीवन के संघर्षपूर्ण सफरनामे में सामाजिक एवं शारीरिक चुनौतियों को भी चुनौतियां देते हुए दुनिया के क्षितिज पर अपना नाम अंकित करवा लिया है । इस लिस्ट में उन राजस्थान के महान 51 हस्तियों के नाम शामिल हैं जिनको इंटरनेट पर दुनिया में प्रतिदिन अत्यधिक गूगल किया जाता है। निशक्त होने के बावजूद डॉ शर्मा ने विपरीत परिस्थितियों में कठिन संघर्ष करते हुए अपनी पढ़ाई  प्रतिदिन 18 किलोमीटर पैदल चलकर पूरी की, आज दुनिया ने उस संघर्ष को जाना, पहचाना एवं सराहा है।

 
कंप्यूटर की 22 पुस्तकों के लेखक, भारत, अमेरिका, बेल्जियम, फ्रांस, इथियोपिया एवं जर्मनी के विश्वविद्यालयों में एक्सटर्नल फंडेड पीएचडी रिसर्च एडवाइजर एवं 53 अवार्ड से सम्मानित डॉ शर्मा सरदार पटेल लाइफ टाइम अचीवमेंट इंटरनेशनल अवॉर्ड एवं शांति दूत अंतरराष्ट्रीय अवार्ड से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। अभी हाल में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्था आई ई ई ई ने भी उन्हें कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स के लिए भी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। ईमानदारी, पुनर्वास एवं शिक्षा के क्षेत्र में किया गये अति विशिष्ट कार्यों के लिए सन 2001 में भी उन्हें गॉडफ्रे फिलिप्स नेशनल ब्रेवरी अवार्ड से भी सम्मानित किया चुका है।

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