ग्रीनपीस के मुताबिक 2020 में केवल भारत में प्रदूषण के कारण 1.20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इस लिहाज से लोगों का औसत उम्र प्रदूषण के कारण सात साल घट रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक प्रदूषण के कारण आंख, दिल, दिमाग, स्किन, लंग्स, बोन आदि पर बुरा असर पड़ रहा है। इस कारण औसत उम्र में सात साल की कमी हो रही है। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि यदि उचित मानकों का पालन किया जाए,तब औसत उम्र में 5.5 साल का इजाफा किया जा सकता है। प्रदूषण के कारण दिल, दिमाग, लिवर, किडनी पर बुरा असर पड़ रहा है। देश में प्रदूषण के कारण हर मिनट में तीन लोगों की जान चली जाती है। वहीं स्टडी में पाया गया कि सिर्फ तीन साल तक प्रदूषित शहरों में रहने से महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा 43 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसके अलावा प्रदूषण के कारण महिलाओं में डिमेंशिया, मोटापा और बांझपन का जोखिम भी बढ़ने लगा है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रदूषण के कारण कई गंभीर शारीरिक समस्याआ सकती है, लेकिन उचित प्रबंधन से इससे बचा जा सकता है। प्रदूषण के कारण यदि आंख में सूखापन, लालिमा और दर्द रहे,तब पलकें झपकाते रहें और पानी का सेवन खूब करें और चश्मा लगाएं। प्रदूषण के कारण दिल की धमनियां संकरी होती है, इसके लिए दिन भर में सब्जियां और फलों को पांच भागों में खाएं। इसी तरह दिमाग में डिमेंशिया और स्ट्रोक से बचने के लिए एक्सरसाइज और साइकलिंग और रनिंग फायदा दिला सकता है। जब स्किन प्रोब्लम हो तब खूब पानी पीएं और स्किन पर सनबर्न लगाएं। प्रदूषण के कारण बोन डेंसिटी कम होने लगती है, इसके लिए विटामिन डी से भरपूर भोजन करें।

प्रदूषण के कारण होने वाले खतरे से हम सभी लोग वाकिफ है। दुनिया के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है, जो मौत के रूप में सामने आती है। प्रदूषण के कारण कई तरह की बीमारियां होती हैं,  इसकारण लाखों लोगों को समय से पहले इस दुनिया से जाना पड़ता है। भारत प्रदूषण का मामले में बेहद खराब स्थिति का सामना कर रहा है। हाल ही वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2021 के मुताबिक देश की राजधानी दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है। इससे समझा जा सकता है कि हमारे देश पर प्रदूषण की कितनी मार पड़ रही है। PLC

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