सूत्रों ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के हरियाणा में एक्टिव होने को भी बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं। कांग्रेस नेताओं को लगता है कि पंजाब में आप की शानदार जीत के लिए हिमाचल और हरियाणा के सीमावर्ती राज्यों में कांग्रेस की रणनीति में बदलाव की आवश्यकता है। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को लगता है कि हरियाणा के गैर-जाटों के बीच केजरीवाल की संभावित अपील को अधिक महत्व नहीं दिया जा सकता है।

पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने अपना ध्यान पड़ोसी राज्य हरियाणा केंद्रित कर दिया हैं। हरियाणा में आप की दस्तक से कांग्रेस की टेंशन बढ़ गई है। ऐसे में शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर हरियाणा के कांग्रेस नेताओं ने मीटिंग की। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हुई। बताया जा रहा है कि 2024 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को तैयार करने के उपायों पर चर्चा की गई।
बैठक में हरियाणा कांग्रेस प्रमुख कुमारी शैलजा, राज्य एआईसीसी प्रभारी विवेक बंसल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, एआईसीसी महासचिव रणदीप सुरजेवाला, राज्य की पूर्व प्रमुख किरण चौधरी और पार्टी के वरिष्ठ विधायक शामिल हुए। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यह बैठक उसी तरह की है जब इस सप्ताह की शुरुआत में सोनिया गांधी ने हिमाचल कांग्रेस के नेताओं के साथ अगले चुनाव जीतने के लिए आवश्यक मंत्रणा की थी।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी 2019 के चुनाव परिदृश्य को दोहराना नहीं चाहती है जहां भूपिंदर सिंह हुड्डा को समग्र चुनाव प्रभार दिया गया था और शैलजा को चुनाव में जाने के लिए अंतिम समय में केवल दो महीने के लिए राज्य प्रमुख के रूप में लाया गया था। उस समय कांग्रेस कुछ सीटों से बीजेपी-जेजेपी गठबंधन से हार गई थी। PLC

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