कहीं भारी बरसात तो कहीं गर्मी से बेहाल है लोग

महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में कोहराम मचा है। यहां लगातार छह दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आगामी पांच दिन तक राज्य में मॉनसून के सर्वाधिक सक्रिय रहने का अनुमान लगाया है। इसका सबसे अधिक असर कोकण और मध्य महाराष्ट्र पर पड़ेगा। इस दौरान कोकण और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश के साथ विदर्भ, मराठवाडा में भी तेज बारिश हो सकती है।

रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में 9 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है वहीं पालघर, पुणे, कोल्हापुर और सतारा में 8 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई और ठाणे 10 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट पर हैं। आईएमडी ने मुंबई, ठाणे, पालघर और आसपास भी आगामी अगले कुछ दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार को सांताक्रुज वेदर ब्यूरो में 193 एमएम और कोलाबा में 84 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस मॉनसून सीजन में अब तक सांताक्रुज में कुल 926 एमएम और कोलाबा में 842 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मॉनसून के जोर पकड़ते ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। सांताक्रुज में अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कोलाबा में अधिकतम 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मूसलाधार बारिश से ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक की सड़कों पर चार-चार फीट पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह ठप रहा। नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली। बुधवार को सड़कों से ऑटो रिक्शे गायब रहे। इस वजह से लोगों को घुटने तक के पानी मे पैदल ही स्टेशन आना पड़ा। वसई-विरार के निचले इलाकों में भारी जलभराव से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुकानों व घरों में पानी घुसने से लोगों का काफी नुकसान हुआ है।

मनपा ने अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाए हैं। लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं मिला। लगातार तेज बारिश की वजह से पानी कम नहीं हो रहा है। वसई, नालासोपारा व विरार की कई हाई प्रोफाइल सोसायटियों में दो-दो फीट पानी भर गया है।

मुंबई में लगातार बारिश से कई इलाकों में पानी भरा है। बुधवार को बारिश की वजह से काम के सिलसिले में मुंबई आने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद बारिश रुकने से लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश और सड़कों पर गड्ढों की वजह से मुंबई में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। वहीं, मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक मुंबई में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में, मुंबईकरों को बारिश की परेशानियों से राहत की उम्मीद फिलहाल कम ही है। मुंबई शहर में बुधवार को बीते 24 घंटों में 107 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्व उपनगर में 171.68 एमएम और पश्चिम उपनगर में 152 एमएम बारिश हुई। बुधवार को मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर बीएमसी डिजास्टर कंट्रोल रूम पहुंचीं शहर की स्थिति का जायजा लिया।

मुंबई शहर के सायन सर्कल, सायन अस्पताल, दादर टीटी, हिंदमाता, हिंदू कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में जलजमाव की स्थिति रही। यहां से धीमी गति से पानी निकल रहा था। इसी तरह पूर्वी उपनगर में घाटकोपर स्टेशन, मानखुर्द स्टेशन, कल्पना सिनेमा, छेड़ा नगर, पोस्टल कॉलोनी, कुर्ला स्टेशन, मानखुर्द सब-वे आदि स्थानों पर पानी लगा रहा।

पश्चिम उपनगर में अंधेरी सब-वे, अंधेरी मार्केट, खार सब-वे, नेशनल कॉलेज और दहिसर सब-वे में पानी लगा। बीएमसी का दावा है कि यहां से कुछ घंटों के भीतर ही पानी निकल गया। बारिश की वजह से मुंबई में 18 स्थानों पर घर या दीवार गिरने का कॉल बीएमसी डिजास्टर मैनेजमेंट को आया, जबकि 34 स्थानों पर पेड़ और डाली गिरने और 20 जगह से शॉर्ट सर्किट की शिकायत मिली।

बारिश की वजह से सायन के चूनाभट्टी एरिया में हुए भूस्खलन में तीन लोग घायल हो गए। चूनाभट्टी में स्वदेशी मिल के पास नागोबा चौक पर भूस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में एक मंजिला झोपड़पट्टी आग गई, जिसकी वजह से एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। घायलों में शुभम सोनवणे (15), प्रकाश सोनवणे (40) और सुरेखा वीरकर (20) शामिल हैं। हादसे में प्रकाश सोनवणे घायल हो गए और वीरकर के सिर पर चोट लगी। तीनों घायलों को सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। PLC

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