नई दिल्लीः आईएनएक्स मीडिया केस में मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किए गए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से सीबीआई की दोबारा पूछताछ शुरू हो गई है. सीबीआई के डीएसपी, एसपी और डीआईजी रैंक के अधिकारी पी चिदंबरम से पूछताछ कर रहे है. वहीं रिमांड पेपर को तैयार करने को लेकर डायरेक्टर सीबीआई, डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन और जॉइंट डायरेक्टर इकनोमिक ऑफेंस की मीटिंग चल रही है. 

पी चिदंबरम को आज (गुरुवार) को सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा. सीबीआई ने चिदंबरम से पूछने के लिए 100 से ज्यादा सवाल तैयार किए है.  सीबीआई की दलील रही है कि चिदंबरम पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों के गोलमोल जवाब देते रहे है. इसके साथ ही सीबीआई ने चिदंबरम द्वारा पहले दिए गए जवाबों को काउंटर करने के लिए कई सारे डॉक्यूमेंट्री एविडेंस जुटाए हुए है. 

सूत्रों के अनुसार सीबीआई द्वारा पूछे जाने वाले सवाल कुछ इस तरह के होंगे


- नोटिस सर्व करने के बाद भी आप जांच में शामिल होने क्यों नहीं आए ? 

- हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की उसके बाद से लेकर AICC में पीसी के बीच तक आप कहा थे ?  

- इस दौरान आप कहा कहा गए, किस किसके साथ मुलाकात हुई ? 


- आपका मोबाईल फोन बंद था, इस दौरान आपने कौन से नंबर इस्तेमाल किए ? 

- हमे जानकारी मिली है Inx मीडिया केस में रिश्वत के पैसो से आपने देश और विदेश में प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट किया जिनमे से कुछ की जानकारी हमे है, इसपर आपका क्या जवाब है, सोर्स ऑफ इनकम क्या था ?  

- विदेशो में कितनी शेल्स कम्पनियो में ये घूस का पैसा लगाया गया, 200 शेल कंपनियो के बारे में जानकारी मिली है आपका क्या कहना है ? 


- Inx मीडिया में फॉरन इन्वेस्टमेंट में नियम कानून को ताक पर रखा गया, कार्ति ने आपके प्रभाव में ये किया, आपने मंजूरी कैसे दी ? 

- इन्द्राणी से आपकी मुलाक़ात नार्थ ब्लॉक में हुई थी, और आपने उन्हें कार्ति के संपर्क में रहने के लिए कहा था ? 

- ये मुलाक़ात इन्द्राणी मुखर्जी से कैसे लाइनअप हुई थी ? 


- कार्ति ने मलेशिया, स्पेन, यूके में जो प्रॉपर्टी खरीदी उसमे आपको क्या जानकारी है, सोर्स ऑफ इनकम क्या था ? 

- आरोप है स्पेन, मलेशिया और यूके में जो परिवार ने विला, फ्लैट्स और टेनिस कोर्ट खरीदा क्या वो आपके वित्त मंत्री रहते हुए खरीदे गए और पैसा कहा से लाया कार्ति। 

- इन्द्राणी मुखर्जी सरकारी गवाह बन चुकी है और उन्होंने कबूला है इस पूरी डील में कार्ति को मोटी रिश्वत दी गई और वो आपसे भी मिली, इसपर आपका क्या कहना है, फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड के तमाम नियमो को तोड़ते हुए क्यों और कैसे फायदा पहुचाया ? 


- आपके अलावा वित्त मंत्रालय के वो कौन कौन से अधिकारी थे जिन्होंने आपको क्लीयरेंस देने से नहीं रोका 

बुधवार रात के गिरफ्तार किए गए चिदंबरम सीबीआई की कस्टडी में रातभर परेशान रहे. चिदंबरम को रात भर सीबीआई मुख्‍यालय में रखा गया. यहां उनकी मेडिकल जांच भी कराई गई. आईएनएक्स मीडिया से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन के मामलों में आरोपी चिदंबरम (P Chidambaram) को दोपहर 2 बजे स्पेशल सीबीआई जज अजय कुमार कुहार की कोर्ट (राउज एवेन्यू) में पेश किया जाएगा. इस दौरान सीबीआई पूर्व वित्त मंत्री की ज्यादा से ज्यादा दिन की रिमांड मांगेगी. इससे पहले भी सीबीआई इस केस की सुनवाई के दौरान हिरासत में पूछताछ (Custodial Interrogation) की मांग करती रही है.
इससे पहले 'गायब' चल रहे पी चिदंबरम बुधवार को अचानक कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में खुद को निर्दोष बताया. उन्होंने कहा कि वह 'कानून से बच नहीं रहे हैं, बल्कि कानूनी संरक्षण की तैयारी कर रहे हैं' और उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां 'कानून का सम्मान करेंगी.' चिदंबरम ने कहा, "मैं इस बात से भौंचक्क हूं कि मुझ पर कानून से भागने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि इसके विपरीत मैं कानूनी संरक्षण पाने की तैयारी कर रहा हूं. मुझ पर आरोप है कि मैं न्याय से भाग रहा हूं, जबकि इसके विपरीत मैं न्याय की खोज में लगा हुआ हूं." उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार तक इंतजार करेंगे, जब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई का फैसला किया है.

इसके बाद वह यहां से वह अपने जोर बाग स्थित आवास पहुंचे. इस बीच लुकआउट नोटिस जारी करने वाली सीबीआई और ईडी की टीम उनके घर जा पहुंची. दरवाजा बंद देख सीबीआई की टीम दीवार फांदकर अंदर गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया. 
इससे पहले आईएनएक्स मामले में अग्रिम जमानत याचिका रद्द करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की याचिका सुप्रीम कोर्ट की पीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं की गई थी. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की अगुआई में कई वकील बुधवार सुबह से उचित पीठ में मामले की सुनवाई के लिए प्रयासरत रहे. सिब्बल ने न्यायमूर्ति एनवी रमन्‍ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा, "हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, इसलिए हम दोबारा यहां आए हैं." न्यायमूर्ति रमन्‍ना ने कहा कि याचिका में कुछ खामियां पाई गई हैं.

सिब्बल ने कहा था कि खामियां दूर कर दी गई हैं और उन्होंने मामले को अदालत के समक्ष मौखिक रूप से पेश करने का आग्रह किया और मामले को यथासंभव जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था. सिब्बल ने कहा, "मेरा मुवक्किल कहीं नहीं भाग रहा है और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है. वह यह लिखकर देने को तैयार हैं कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं."
न्यायमूर्ति रमन्‍ना ने रजिस्ट्रार को बुलाया, और रजिस्ट्रार ने अदालत को बताया कि याचिका की खामियां दूर हो गई हैं और सत्यापन के बाद याचिका सूचीबद्ध कर दी जाएगी. याचिका पर सुनवाई के लिए सिब्बल के जोर देने पर न्यायमूर्ति रमना ने इससे इंकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध किए बिना मामले की सुनवाई नहीं की जा सकती. इससे पहले न्यायमूर्ति रमन्‍ना की अगुआई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए मामले को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के पास भेज दिया था. PLC.