Tuesday, June 18th, 2019

ग़ज़ल

Gurugram witnesses evening of blissful poetry

डॉ. मंसूर खुशतर की पांच गज़ले

नूर जम्शेद्पुरी की ग़ज़ले

चार नज़्में - शायर : राजेश कुमार सिन्हा

अनवर सुहैल की रचनाएँ

बुंदेली ग़ज़ले शायर महेश कटारे सुगम

साहिल जे सिंह की चार ग़ज़ले

नवीन मणि त्रिपाठी की तीन गज़ले

महेश कटारे सुगम की पांच बुन्देली भाषा में ग़ज़ल

श्यामल सुमन की गज़लें

अस्मित राठोड़ की पाँच गज़ले

मेंहदी हसन साहब पर विशेष : अबके हम बिछड़े तो..

सजदा : पंकज की कलम से

देवल आशीष की जीवनपर्यन्त याद की जाने वाली कुछ रचनाएँ

अनिल शर्मा के गीत व् ग़ज़ल

डॉ. रेनू चन्द्रा की पाँच रचननाएँ

श्यामल सुमन की ग़ज़लें

राजकुमार धर द्विवेदी 'विद्रोही' की कलम से : ग़ज़ल , आल्हा छंद व् दोहे

श्यामल सुमन की कलम से गज़लें , मुख्तक ,गीत व् कविता

प्रोफ़े. राम स्वरुप ‘सिंदूर’ की गजलें

ओमप्रकाश नदीम की ग़ज़ल

प्रो. राम स्वरुप 'सिंदूर' की ग़ज़ल - वो जो ख़ुद बच्चे जैसा है

सुधा राजे की गज़ल

निदा फाजली साहब की ग़ज़ल

प्रेम लता शर्मा की ग़ज़ल

आलोक श्रीवास्तव की ग़ज़ल

ओम प्रकाश नदीम की ग़ज़ल

प्रमोद तिवारी की ग़ज़ल

ओम प्रकाश नदीम की ग़ज़ल

मशहूर शायर बशीर बद्र साहब की ग़ज़ल