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Thursday, December 9th, 2021

अमित शाह से मिले कैप्टन

पंजाब के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बड़ी खबर है. पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं. कैप्टन और केंद्रीय गृह मंत्री की मुलाकात अमित शाह के घर पर हो रही है. कहा जा रहा है कि अमित शाह और कैप्टन अमरिंदर की मुलाकात किसानों के मुद्दों पर हो रही है.  

कैप्टन की दिल्ली में दस्तक के मायने?
पंजाब कांग्रेस  के घमासान के बीच सबकी निगाह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर टिकी हुई हैं. सिद्धू के इस्तीफे और पंजाब में नए मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के तुरंत बाद मंगलवार को ही कैप्टन दिल्ली पहुंचे. इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं.

 

मंगलवार को मुलाकात से किया था इनकार
हालांकि मंगलवार को जब कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछा गया कि क्या उनकी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात तय है, तो उन्होंने इससे इनकार किया. कैप्टन ने कहा था कि वे किसी से मिलने नहीं आए हैं बल्कि दिल्ली में सरकारी आवास खाली करने आए हैं. साथ ही अगले कदम पर कैप्टन ने कहा था, राजनीतिक लिहाज से अगर कोई भी नया कदम उठाऊंगा तो सबको बताऊंगा.

 

कांग्रेस में रहेंगे या नहीं?
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में रहेंगे या नहीं इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था. हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा, 'कांग्रेस से जुड़ा रहूंगा या नहीं इसका जवाब फिलहाल नहीं दे सकता.' उन्होंने सिद्धू पर चरणजीत सिंह चन्नी को अपने तरीके से चलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था और कहा, 'अच्छा हुआ नवजोत सिंह सिद्धू अभी प्रधान नहीं रहे, मैंने तो पहले ही कहा था कि स्टेबल नहीं हैं.'
 

कैप्टन ने पहले कहा था- 'दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलूंगा'
गौरतलब है कि यह कयास पहले से ही लग रहे थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली दौरे पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, पहले उनके मीडिया सलाहकार ने और बाद में खुद कैप्टन ने दिल्ली पहुंचकर इन अटकलों को खारिज कर दिया था। अमरिंदर ने मीडिया से कहा- मैं दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलूंगा। मैं यहां अपना बंगला खाली करने आया हूं।

 

सीएम पद छोड़ने के बाद बोले थे- पार्टी के अंदर हुआ अपमान इसलिए छोड़ी कुर्सी
नवजोत सिंह सिद्धू से अनबन होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 18 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद अमरिंदर लगातार कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हमला बोल रहे थे। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा था कि पार्टी के अंदर उनका अपमान किया गया, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया था। अमरिंदर सिंह ने यह तक कहा था कि पंजाब चुनाव 2022 में अगर कांग्रेस जीतती भी है तो वह नवजोत सिंह सिद्धू को सीएम नहीं बनने देंगे।

 

मीडिया ने किया भाजपा जॉइन करने पर सवाल, तो कैप्टन बोले- सभी विकल्प खुले
कैप्टन ने जब पद से इस्तीफा दिया था तब मीडिया ने उनसे सवाल किया था कि क्या आप भाजपा में शामिल होंगे? तब कैप्टन ने जवाब देते हुए कहा था कि इस्तीफा देने के बाद सभी विकल्प खुले हैं। राजनीति के 52 साल के अनुभव और साढ़े नौ साल मुख्यमंत्री रहने पर उनके कई दोस्त बने हैं। वे अपने सहयोगियों से विचार कर इस पर फैसला लेंगे। PLC

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