कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पोलैंड की यात्रा के दौरान कहा कि यूक्रेन में युद्ध के कारण देश छोड़ रहे लोगों में से जितनों को संभव होगा कनाडा शरण देगा। ट्रूडो ने कहा कि जिंदा रहने के लिए अपना सब कुछ पीछे छोड़कर देश से निकल रहे यूक्रेन के लाखों लोगों को देखकर हमारा दिल पसीज जाता है। ट्रूडो ने पोलैंड में कहा, कनाडा मदद करेगा, कनाडा आपकी मदद के लिए यहां मौजूद है। पोलैंड, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का सदस्य है, जिसकी सीमा यूक्रेन से लगती है।
  रूसी सेना के 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला करने के बाद से करीब 15 लाख लोगों ने पोलैंड में शरण ली है। पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेजेज डूडा और प्रधानमंत्री माट्यूज़ जैकब मोराविएकी के साथ बातचीत के दौरान ट्रूडो ने शरणार्थियों को पनाह देने में पोलैंड को मदद की पेशकश की। उन्होंने यूक्रेन का साथ देने और रूस पर कड़े प्रतिबंधों को जारी रखने के तरीकों पर भी चर्चा की। वॉरसॉ में ट्रूडो ने अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात की। ट्रूडो ने कहा कि उनकी सरकार शरणार्थियों को कनाडा में बहुत जल्द आने की अनुमति देने के लिए आव्रजन प्रक्रियाओं को तेज कर रही है, जहां यूक्रेनी मूल के कई लोग रहते हैं। ट्रूडो ने डूडा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘वे जब यहां आएंगे तो हम उन्हें पढ़ने, काम करने की अनुमति देंगे। कई लोगों को उम्मीद होगी कि संघर्ष खत्म होने के बाद वे यूक्रेन लौट पाएंगे, वहीं कई कनाडा जैसे देशों में ही आगे का जीवन बितना चाहेंगे और हम जितनों को संभव होगा शरण देंगे। ट्रूडो ने कहा कि कनाडा, मानव त्रासदी के लिए जिम्मेदार रूसी नेताओं, विशेष रूप से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हेग में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के समक्ष लाने में सक्रिय रूप से मदद करेगा। PLC

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