इतिहास में आप झांकेंगे तो पता चलता है कि भाजपा और कांग्रेस ही पूरे भारत तक पहुंच पाए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई दूसरा दल ऐसा नहीं कर सकता। लेकिन इसके लिए लगातार 15 से 20 सालों तक संघर्ष करने की जरूरत है। ऐसा कोई बदलाव रातोंरात नहीं हो सकता।’ पंजाब के विधानसभा चुनाव में आप के क्लीन स्वीप करने को लेकर सवाल पूछे जाने पर प्रशांत किशोर ने यह बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को लेकर भी प्रशांत किशोर ने कहा कि आज भी उनके समर्थक डटे हुए हैं। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी के लोकप्रिय होने का यह मतलब नहीं है कि वह चुनाव नहीं हार सकता है, जैसा कि बंगाल में हुआ है। इसके बाद उन्होंने अगला उदाहरण अखिलेश यादव का दिया। किशोर ने कहा कि अखिलेश यादव की सभाओं में खूब भीड़ आ रही थी और 30 फीसदी से ज्यादा वोट मिला, इसके बाद भी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा की 4 राज्यों में जीत के बाद क्या बेरोजगारी और महंगाई मुद्दे नहीं रह गए हैं? इस पर प्रशांत किशोर ने कहा कि ऐसा नहीं है। भाजपा को 38 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि 62 फीसदी लोगों ने उनके खिलाफ मतदान दिया है। इसका अर्थ हुआ कि देश के 100 में से 38 लोग ही उनके साथ हैं। लेकिन बात यह है कि ये जो 62 लोग हैं, वे वोटिंग पैटर्न के मामले में एकजुट नहीं हैं और उसका फायदा एक दल को मिल जाता है।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आम आदमी पार्टी को लेकर भविष्यवाणी की है कि उसे राष्ट्रीय दल बनने में 15 से 20 साल का वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी दल को राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए 20 करोड़ वोट हासिल करने की जरूरत है, जबकि आम आदमी पार्टी को 2019 में 27 लाख मत हासिल हुए थे। उन्होंने कहा कि देश में अब तक कांग्रेस और भाजपा ही राष्ट्रीय दल के तौर पर उभर पाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में कई दलों ने इसकी कोशिश की है, लेकिन वे उभर नहीं पाए हैं। इसका यह अर्थ नहीं है कि कोई दूसरा दल राष्ट्रीय पार्टी नहीं बन सकता, लेकिन ऐसा रातोंरात नहीं हो सकता और इसके लिए वक्त चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा, ‘सैद्धांतिक तौर पर कोई भी दल राष्ट्रीय पार्टी बन सकता है, PLC

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here