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Saturday, October 31st, 2020

9 से 52 साल की महिलाओं का प्रवेश प्रतिबन्धित करने पर फैसला अगली बैठक तक टला

आई एन वी सी न्यूज़

नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक जी की अध्यक्षता में हिन्दू महासभा भवन में हिन्दू सगठनों की बैठक हुई। जिसमें सबरीमाला मन्दिर के मामले में अहम् फैसला लिया गया। बैठक में संविधान के मूलाधिकार अनुच्छेद 26 ख धार्मिक संस्थाओं को अपने धार्मिक कार्यों के प्रबन्धन करने के मूल अधिकार है, के तहत फैसला लिया गया कि सबरी माला मन्दिर में 10 से 50 साल की महिलाओं का प्रवेश पूर्व की तरह प्रतिबन्धित रहेगा। जिसे दिनांक 14-10-18 से लागू किया जाता है। बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने बताया कि हिन्दू संगठनों का उक्त फैसला सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 28-9-18 को दिये फैसले के बाद लिये जाने के कारण सर्वोच्च न्यायालय का दिनांक 28-9-18 का फैसला स्वतः ही निरस्त हो जाता है। अतः महामहिम राष्ट्रपति जी से अनुरोध किया गया कि सर्वोच्च न्यायालय यदि इस मामले में अड़गा डाले तो मूलाधिकार 26 ख का हनन् करने वाली असंवैधानिक ताकतों के खिलाफ फोर्स भेजकर हमारे मूलाधिकार की रक्षा की जाये। बैठक में बिहारी भाई सुरक्षा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेणु गुप्ता ने बताया कि आजकल टी वी देखने के कारण लड़किया जल्द व्यस्क हो रही हैं और प्रौढ़ावस्था में देर से प्रवेश कर रही हैं। जिसके कारण लड़किया जल्द रजस्वला हो रही हैं और रजोनिर्वत्ति भी देर से हो रही है। इस लिये सबरी माला मन्दिर में 9 से लेकर 52 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को प्रतिबन्धित किया जाये। इस मामले पर गंभीर विचार विमर्श के बाद हिन्दू संगठनों ने निर्णय लिया कि हिन्दू संगठन सबरीमाला मन्दिर में 9 से 52 साल की महिलाओं के प्रवेश को प्रतिबन्धित करने के बारे में अगली बैठक में अहम् फैसला लेंगे।

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