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Thursday, April 22nd, 2021

8 सितंबर तक चलेगा नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम

आई एन वी सी न्यूज
महासमुंद,

जिले में 35वाँ राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम 25 अगस्त से 08 सितंबर 2020 तक आयोजन किया जाएगा। जिसमें जन सामान्य को नेत्रदान के महत्व को बताते हुए मृत्यु के बाद नेत्रदान करने के लिए जागरूक एवं प्रेरित किया जाएगा। इस वर्ष कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में जिला अंधत्व एवं दृष्टिदोष नियंत्रण समिति एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में हास्पिटल कॅार्निया रेट्रिवल प्रोग्राम के तहत् “वेबीनार“ का आयोजन कर ऑनलाईन राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम मनाया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं सस्थ्य अधिकारी ने बताया कि कॉर्नियल ब्लाइंडनेस रोग हमारे देश का दूसरा आम बिमारी अंधापन है, जिससे हमारे देश के बच्चंे, किशोर, युवा वयस्क एवं वृद्ध सभी प्रभावित है। यह विकृति आँखों में होने वाली संक्रमण रोग, चोट लगने पर, विटामिन की कमी एवं कुपोषण आदि के कारण होता है। वर्ष 2015-2019 के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के मामलों में लगभग 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साल में लगभग 20 हजार नए मामले जुड़ते हैं। वर्तमान में कॉर्निया प्रत्यारोपण की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। सरकार द्वारा नेत्र बैंकों से लगभग सालाना 60-65 हजार से तालमेल बिठाते हैं। जिसमें गैर-सरकारी क्षेत्र में भी नेत्रदान में प्रगति हुई है। अभी भी यह अपर्याप्त है, क्योंकि हमें प्रत्यारोपण के उद्देश्य से प्रतिवर्ष लगभग दो लाख कॉर्नियां की आवश्यकता होती है। प्रति वर्ष पूरे देश में 25 अगस्त से 08 सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है, ताकि आम लोगो में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरक प्रयासों को तेज किया जा सके। सफल कॉर्नियल ट्रांसप्लांट डोनर के मृत शरीर पर निर्भर करता है। एड्स, पीलिया, रेबीज, सर्पदंश, टिटनेस, कैंसर, डूबने, जलने या फांसी से मृत्यु होने पर नेत्रदान नहीं लिए जाते है। सामान्य मृत्यु के पश्चात् चार से छहः घंटे के भीतर शरीर से कॉर्निया प्रत्यारोपण करना होता है। नेत्रदान दाता की मृत्यु पूर्व उनकेे परिजनों को नेत्रदान की जानकारी होनी चाहिए। देश में मृत्यु के पहले नेत्रदान होने पर कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय नेत्रकोष में उपचार एवं सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
जिले के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ नेत्र सहायक अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम पर फोकस करते हुए जनता को कॉर्नियल ब्लाइंडनेस की जानकारी देते हुए उपचार एवं सुझाव दें एवं अपनी गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने हेतु सोशियल मिडिया प्लेटफार्म यूट्यूब, वाट्सअप, मोबाईल मैसेजर, ट्यूटर पर गतिविधियां पोस्ट करें।

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