Thursday, July 9th, 2020

8 जून से मिलने वाली छूट की तैयारी पूरी -  व्यवस्था होगी ठीक से लागू

आई एन वी सी न्यूज़
लखनऊ ,
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने आज टीम-11 की बैठक में निर्देश दिया है कि 08 जून से मिलने वाली छूट के सन्दर्भ में अध्ययन करते हुए पूरी तैयारी के साथ इस व्यवस्था को लागू किया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देशित किया है कि पुलिस द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जाए। बाजारों आदि में पुलिस द्वारा नियमित फुट पेट्रोलिंग तथा हाई-वे एवं एक्सप्रेस-वे पर पी0आर0वी0 112 के माध्यम से सघन पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। सुरक्षित यातायात पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सोशल डिस्टंेसिंग का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश देते हुए कहा है कि कहीं भी भीड़ एकत्रित न होने पाए और जीरो टाॅलेरंस नीति का पालन किया जाय।

श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए हैं कि क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन की व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाए। कम्युनिटी किचन के माध्यम से कामगारों/श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंदों को पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाए। स्क्रीनिंग में स्वस्थ पाए गए कामगारों/श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराते हुए होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। कामगारों/श्रमिकों को 01 हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता अनिवार्य रूप से उपलब्ध करया जाए। मुख्यमंत्री जी ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया है कि वे सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से यह सुनिश्चित कराएं कि इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स आॅक्सीमीटर संचालित करने वाले कार्मिकों को इन उपकरणों के संचालन तथा इनकी रेंज के आधार पर व्यक्ति को स्वस्थ अथवा अस्वस्थ आकलित करने की पूर्ण जानकारी हो। उन्हांेने कहा है कि इस सम्बन्ध में ऐसे कार्मिकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनपदों में तैनात विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन भेजी जाने वाली रिपोर्ट का अध्ययन किया जाय तथा मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित कर दिया जाय कि जनपदों में समुचित मात्रा में इन्फ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स आॅक्सीमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित रहे।

श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि जनपदों में तैनात स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों की कोविड एवं नाॅन कोविड अस्पतालों की निरीक्षण सम्बन्धी रिपोर्टाें की नियमित समीक्षा की जाए। इस फीडबैक के आधार पर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा है कि सभी अस्पतालों में उपचार, स्वच्छता तथा सुरक्षा आदि के बेहतर इन्तजाम किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों में डाॅक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित राउण्ड लें, मरीजों को सुपाच्य तथा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा साफ-सफाई के उत्तम प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए यह जरूरी है कि सभी लोग पूरी सावधानी बरतें। कोविड-19 से होने वाली मृत्यु की दर को प्रत्येक दशा में कम रखने पर बल देते हुए उन्होंने कहा है कि डाॅक्टरों सहित पूरी मेडिकल टीम को पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है। साथ ही चिकित्सा के अभाव में किसी की भी मृत्यु नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनपद गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, फिरोजाबाद तथा बुलन्दशहर में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि इन जनपदांे में चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर किया जाए। टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा है कि जिन जनपदों में ज्यादा संख्या में कामगार/श्रमिक आए हैं, वहां विशेष पूल टेस्टिंग की व्यवस्था करते हुए सैम्पलों की जांच की जाए। टेस्टिंग क्षमता में बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन उसे बढ़ाते हुए प्रतिदिन 20 हजार टेस्ट किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने परिवहन निगम के सभी कार्मिकों की मेहनत, लगन एवं निष्ठा से किये गये कार्यों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए है कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों को संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकाॅल के अनुरूप संचालित किया जाए। बसों के संचालन में यह सुनिश्चित किया जाए कि इनका नियमित सेनिटाइजेशन हो। बस यात्री मास्क पहनकर यात्रा करें। यात्रियों की इंफ्रारेड थर्मामीटर से स्क्रीनिंग करते हुए उनके लिए सेनिटाइजर की व्यवस्था भी की जाए। बस ड्राइवर तथा कंडक्टर मास्क तथा ग्लव्स अवश्यक इस्तेमाल करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि बस अड्डों पर सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा विभिन्न राज्यों से बस, टेªन द्वारा एवं बाॅर्डर क्षेत्र से आये हुए 31 लाख से अधिक लोगों को उनके घर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 9-10 हजार परिवहन निगम की बसें तथा 02 हजार अनुबंधित बसें जबकि 60 हजार कर्मचारी परिवहन विभाग में हैं। उन्होंने बताया कि 01 जून से संचालित बस सेवा के माध्यम से पहले दिन 2200 बसों से 52 हजार लोगों को, दूसरे दिन 3100 बसों से 68 हजार व तीसरे दिन 3700 बसों से 1,10,000 से अधिक लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया गया। उन्होंने परिवहन निगम के कार्मिकों द्वारा किये गये कार्यों पर सन्तोष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
श्री अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा बाॅर्डर के राज्यों में फंसे हुए लोगों को भी लाने व ले जाने का कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के नवोदय विद्यालयों में आये हुए विभिन्न राज्यों के बच्चों को उनके घर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि बसों के नियमित सेनेटाइजेशन के साथ-साथ प्रत्येक 06 घंटे पर बस स्टेशनों के सेनिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम के चालकों एवं परिचालकों द्वारा चिकित्सा विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव से सम्बंधित जारी प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए ग्लब्स एवं मास्क पहनकर बसों को चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि कार्यालयों में इंफ्रारेड थर्मामीटर एवं सेनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संेसर वाली सेनिटाइजर मशीन का उपयोग किया जाए, क्योंकि स्प्रे वाली सेनिटाइजर बोतल के कोरोना वायरस के वाहक होने की सम्भावना रहती है। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि खाद्यान्न वितरण अभियान को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी जरूरतमंदों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कोई भूखा न रहे।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा है कि पी0पी0पी0 मोड पर बनने वाले मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की कार्यवाही को तेज किया जाए। इन परियोजनाओं में निवेश के इच्छुक लोगों से संवाद स्थापित किया जाए। आवश्यकतानुसार नियमांे का सरलीकरण भी किया जाए। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग, कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों को निर्देशित किया कि वे मनरेगा श्रमिक के तौर पर श्रमिकों/ कामगारों को रोजगार देने की व्यवस्थाओं का अध्ययन करें।

श्री अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे अधिक कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों से भी हम अपने कामगारों/श्रमिकों को प्रदेश में लाने में सफल हुए हैं। प्रदेश में अब तक 1669 टेªन के माध्यम से 22.67 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक को लाये जाने की व्यवस्था की गई है, इनमें से अब तक 1617 टेªन से 21.85 लाख से अधिक लोगों को प्रदेश में लाया जा चुका है। इसके साथ ही 55 टेªन को और सहमति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि टेªन एवं बसों के माध्यम से अब तक 26.19 लाख से अधिक लोगों को उनके गृह जनपद में सकुशल पहंुचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से अभी तक 32 लाख से अधिक श्रमिक कामगार प्रदेश में आये हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में अब तक 274 टेªन से 3,51,862 कामगार एवं श्रमिक आये हैं। लखनऊ में 113 टेªन के माध्यम से 1,46,515 लोग आए हैं। वाराणसी में 119, आगरा में 11, कानपुर में 17, जौनपुर में 139, बरेली में 12, बलिया में 71, प्रयागराज में 64, रायबरेली में 22, प्रतापगढ़ में 75, अमेठी में 17, मऊ में 49, अयोध्या में 37, गोण्डा में 71, उन्नाव में 28, बस्ती में 88 टेªन जबकि आजमगढ़ में 43, कन्नौज में 03, गाजीपुर में 33, बांदा में 21, सुल्तानपुर में 28, बाराबंकी में 12, सोनभद्र में 04, अम्बेडकरनगर में 25, हरदोई में 20, सीतापुर में 13, फतेहपुर में 09, फर्रूखाबाद में 02, कासगंज में 09, चंदौली में 17, इटावा मेें 01, मानिकपुर (चित्रकूट) में 01, एटा में 01, जालौन में 02, रामपुर में 01, शाहजहांपुर में 01, अलीगढ़ में 06, भदोही में 04, मिर्जापुर में 11, देवरिया में 103, सहारनपुर में 04, चित्रकूट में 03, बलरामपुर में 19, मुजफ्फरनगर में 01, लखीमपुर खीरी में 01, महोबा में 01, झांसी में 05, पीलीभीत में 01, महाराजगंज में 01 एवं कौशांबी में 01 टेªन आ चुकी हैं। मुरादाबाद, मेरठ, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, में भी टेªन आ रही हैं।
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 530 ट्रेन से 7,76,489 लोग, महाराष्ट्र से 440 टेªन से 5,94,349 लोग, पंजाब से 234 टेªन से 2,75,335 कामगारों/श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। इसके साथ ही तेलंगाना से 23, कर्नाटक से 57, केरल से 15, आन्ध्र प्रदेश से 11, तमिलनाडु से 40, मध्य प्रदेश से 02, राजस्थान से 36, गोवा से 21, दिल्ली से 98, छत्तीसगढ़ से 01, पश्चिम बंगाल से 02, उड़ीसा से 01 टेªन, असम से 01 टेªन, त्रिपुरा से 01 टेªन, हिमाचल प्रदेश से 04 टेªन, उत्तराखण्ड से 04, जम्मू-कश्मीर से 02 तथा उत्तर प्रदेश से 91 टेªन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कामगारों/श्रमिकों को पहुंचाया गया है।

प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कल 10,563  सैम्पल की कोरोना जांच की गयी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में 3553 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 5439 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। आइसोलेशन वार्ड में 3579 मरीजों को जबकि 7895 मरीजों को फैसलिटी क्वारंटीन में रखा गया है। उन्होंने बताया कि कल 987 पूल टेस्ट किये गयेे, जिसमें से 888 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 99 पूल 10-10 सैम्पल के थेे। पूल टेस्ट में 161 पूल पाॅजीटिव पाये गये।

श्री प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा कामगारों/श्रमिकों के घर पर जाकर सम्पर्क कर उनके लक्षणों का परीक्षण कर रही हैं, जिसके आधार पर आवश्यकतानुसार कामगारों/ श्रमिकों का सैम्पल इकट्ठा कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 12,39,380 कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, जिनमें से 80,960 लोगों के सैम्पल लेकर जांच की गई जिसमें से 2583 लोग पाॅजीटिव पाये गये। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 1,04,613 सर्विलांस टीम द्वारा 80,98,156 घरों के 4,11,54,707 लोगों का सर्वेक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि सह-रूग्णता से ग्रसित लोगों में कोरोना संक्रमण की दर 83 प्रतिशत है। 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में संक्रमण की दर 6 प्रतिशत एवं मृत्यु दर 32.6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि 51-60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। इस आयु वर्ग के लोगों में संक्रमण की दर 8.8 प्रतिशत है, वहीं मृत्यु दर  31.5 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अधिक उम्र के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है।  

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