सरकार ने कोरोना काल-31 अगस्त-2020 तक के बिजली बिलों को होल्ड करने की घोषणा की। 16 नवंबर-2021 को ऊर्जा विभाग की ओर से 60 प्रतिशत राशि जमा करने पर 40 प्रतिशत की छूट के आदेश जारी किए। पांच माह बाद जमा राशि 60 प्रतिशत राशि लोगों के बिजली बिलों में क्रेडिट होगी। योजना में सबसे बड़ी खामी यह है कि इसमें एक किलों वाट के कनेक्शन का नियम है। यानी वास्तविक गरीब हैं और एक किलो वाट का कनेक्शन नहीं तो योजना के लाभ से वंचित रहेंगे। एक किलो वाट का कनेक्शन है और गरीबी रेखा में नहीं आते हैं तो इसको लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि योजना का लाभ मिलेगा या नहीं। गरीब रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाला बीपीएल कार्ड है और एक किलो वाट का कनेक्शन नहीं तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

बिजली कंपनी राज्य शासन के आदेश पर फिर से बिजली बिल माफी की योजना शुरू करने जा रही है। जिसमें कोरोना काल में होल्ड की गई बिलों की राशि में से जो 60 प्रतिशत राशि लोगों से जमा करवाई गई थी, उसे माफ किया जाएगा। जिसमें इस राशि को लोगों के बिलों में करीब पांच

माह में क्रेडिट किया जाएगा। कोरोना काल में 31 अगस्त 2020 तक की मूल बकाया राशि व अधिभार को होल्ड किया था।
योजना में खामी यह भी है कि एक किलो वाट के बिजली उपभोक्ताओं को इसमें छूट का लाभ मिलेगा। शहर और जिले में ऐसे हजारों उपभोक्ता हैं जो वास्तविक गरीब हैं लेकिन उनके यहां पर एक किलो वाट से ज्यादा का बिजली कनेक्शन हैं, ऐसे में गरीब लोग योजना से वंचित रह जाएंगे। बिजली कंपनी के हर जोन पर करीब दो से ढाई हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके यहां पर एक किलो वाट का बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें से करीब 600-700 लोग पूर्व में लागू योजना के तहत 60 प्रतिशत बिजली बिल की राशि जमा कर चुके हैं और उन्हें बिल में से 40 प्रतिशत राशि में छूट मिल चुकी है।

अब राज्य सरकार ने फिर से घोषणा की है कि होल्ड बिजली बिलों की 60 प्रतिशत राशि भी माफ की जाएगी। योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं में से अधिकांश लोग यह राशि जोन कार्यालयों पर जमा कर चुके हैं। ऐसे में बिजली कंपनी उनके बिल में यह राशि क्रेडिट करेगी। यानी उन्हें आने वाले बिल में इतनी राशि कम जमा करना होगी। PLC

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