Saturday, February 29th, 2020

58वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की तैयारियां शुरू

आई.एन.वी.सी.,, दिल्ली ,, फिल्म महोत्सव निदेशालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की मीडिया इकाई ने वर्ष 2010 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित करनी आरंभ कर दी हैं। पुरस्कार (स्वर्ण कमल तथा रजत कमल) तीन भागों में दिए जाएंगे -- फीचर फिल्म, गैर फीचर फिल्म, कैमरे पर सर्वश्रेष्ठ लेखन। इस संबंध में विस्तृत विनियमों सहित अधिसूचना निदेशालय की वेबसाइट www.dff.nic.in पर डाल दी गई है। राष्ट्रीय फिल्म समारोह का उद्देश्य सौन्दर्य एवं तकनीकी श्रेष्ठता वाली एवं सामाजिक प्रासंगिकता को बढ़ावा देने वाली फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। फीचर फिल्म के सदंर्भ में 30 भिन्न-भिन्न पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं: सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशित डैब्यू फिल्म के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार, राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए नर्गिस दत्ता पुरस्कार तथा क्षेत्रीय भाषाओं की फील्मों के लिए पुरस्कार। गैर-फीचर फिल्म के सदंर्भ में 22 भिन्न-भिन्न पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं: सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशित डैब्यू गैर-फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ मानविकीय/मानव जाति विज्ञान फिल्म तथा सर्वश्रेष्ठ जीवनी/ऐतिहासिक पुनर्निर्माण/संकलन फिल्म। केवल केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित फिल्में ही इन पुरस्कारों में प्रविष्टि पाने योग्य होंगी। इसके साथ-साथ सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी है जिसमें दो अलग-अलग पुरस्कार हैं - सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक तथा सर्वश्रेष्ठ आलोचक/समीक्षक। प्रविष्टियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख 7 अप्रैल, 2011 है। विभिन्न श्रेणियों के लिए पुरस्कारों के चयन हेतु दोहरी श्रेणी प्रणाली होगी- क्षेत्रीय तथा केंद्रीय निर्णायक समिति। भारत सरकार भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भी प्रदान करती है। यह पुरस्कार एक फिल्मी हस्ती को भारतीय सिनेमा की वृध्दि एवं विकास में उसके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

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