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Friday, December 4th, 2020

4,75,000 करोड़ रुपये के माध्यम से भारत के पूर्वी राज्यों में हरित क्रांति

[caption id="attachment_36566" align="alignleft" width="300" caption="The Union Finance Minister, Shri Pranab Mukherjee addressing at the closing ceremony of the Vatsalya Mela 2011, in New Delhi."][/caption]

आई.एन.वी.सी,, दिल्ली,, भारतीय वित्त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है की भारत के पूर्वी राज्यों  में हरित क्रांति लाने के लिए 4 ,75 ,000 का पैकेज तेयार किया गया है , जिससे क्षेत्र में हरित क्रांति को बढ़ावा दिया जा सके। विभिन्‍न बैंकों ने 30 सितंबर, 2011 तक 2,23,380 करोड़ रुपये के ऋण पहले ही वितरित कर दिए हैं | वित्‍त मंत्री ने कहा कि यहां जिन राज्‍यों के प्रतिनिधि आए हैं, वहां बैंक सेवाओं और प्राथमिकता क्षेत्रों को ऋण प्रवाह की अलग-अलग स्थिति है और राज्‍य सरकारें तथा बैंक हर प्रदेश की प्रगति को प्रोत्‍साहित करने के लिए निकट तालमेल से काम कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में बैंकों ने सराहनीय सेवा की है और उनके अनुभवों को जानना सचमुच बहुत उपयोगी होगा।  श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पूर्वी इलाकों में सूक्ष्‍म और लघु उद्योगों ने रोजगार बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले वर्ष एस.आई.डी.बी.आई ने रुपये 4000 करोड़ का पुनर्वित्‍तपोषण किया, जिससे उद्योग धंधों को बढ़ावा मिला। इसी सिलसिले में वित्‍त मंत्री ने स्‍वाभिमान नाम के एक महत्‍वकांक्षी वित्‍तीय समावेशी योजना की चर्चा की और कहा कि इसके जरिये 73,000 आवासों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है। यह योजना अगले वर्ष (2012) में पूरी होगी और इसके अंतर्गत पूरे देश में 45,000 गांव को लाभ पहुंच चुका है, जो लक्ष्‍य के 62 प्रतिशत के बराबर है। इसी संदर्भ में उन्‍होंने आवास क्षेत्र का भी उल्‍लेख किया, जहां बहुत प्रगति हुई है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महत्‍वपूर्ण काम कर रहे हैं और उन्‍होंने ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था के विकास में उपयोगी भूमिका निभाई है।  यह जानकारी केंद्रीय वित्‍त मंत्री, श्री प्रणब मुखर्जी ने आज कोलकाता में पूर्वी राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों/वित्‍तीय संस्‍थानों के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए दी। इस बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, झारखंड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओड़ीशा, सिक्किम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि मौजूद थे।  वित्‍त मंत्री ने पूर्वोत्‍तर राज्‍यों की प्रभूत संभावनाओं का उल्‍लेख किया और कहा कि हमें उनके सर्वसमावेशी विकास में सहायता करनी चाहिए।

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