Saturday, February 29th, 2020

44 हजार लोगो की जान को खतरा

cigaretteआई एन वी सी, हरयाणा, हरियाणा के रोहतक जिले में 30 से 69 वर्ष की आयु वर्ग के एक लाख 87 हजार पुरुषों में से 89 हजार धूम्रपान करते हैं। यदि समय रहते इससे छुटकारा नहीं पाया गया तो इनमें से 44 हजार धूम्रपान की वजह से असमय मौत का शिकार बन सकते हैं। एक सर्वे के आधार पर किए गए खुलासे में बताया गया है कि आमतौर पर मरने वालों में से 70 प्रतिशत मौतें मध्यम आयु वर्ग के लोगों की होती है। यह खुलासा शुक्रवार को रोहतक के जिला सचिवालय में हुई एक बैठक में एक सर्वे के आधार पर किया गया। एडीसी आरसी बिधान की अध्यक्षता में सार्वजनिक स्थानों से धूम्रपान रोकने के लिए जिला स्तरीय कोर्डिनेशन कमेटी की पहली मीटिंग में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पांच जिलों, जिनमें अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, सिरसा व रोहतक को दो अक्टूबर तक धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए चयनित किया है। इसके तहत रोहतक जिले में प्रशासन ने इस अभियान को तेजी से चलाने के लिए एक जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इसमें जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में सिविल सर्जन,एसपी, डीईओ, जीएम रोडवेज, जिला ड्रग कंट्रोल अधिकारी, डीएफओ, डीआईपीआरओ, प्रधान आईएमए रोहतक, डा. (प्रो.) सोनिया मलिक विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग एमडीयू व उप सिविल सर्जन (स्कूल हैल्थ) को इस कमेटी में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान की वजह से ट्यूबरकुलोसिस से 38 प्रतिशत, कैंसर से 32 प्रतिशत, फेफड़ों के रोग से 31 प्रतिशत, हार्ट अटैक और स्ट्रोक से 20 प्रतिशत तथा किसी भी रोग से 23 प्रतिशत मौतें होती हैं। इसलिए लोगों को इसके बारे में सचेत रहना चाहिए और धूम्रपान से दूर रहना चाहिए तभी वह अपने को इन रोगों से बचा पाएंगे।

सरकारी दफ्तरों में बीड़ी पीने वालों की भी खैर नहीं :  एडीसी आरसी बिधान ने बताया कि इसके लिए सभी कार्यालयों के मुखियाओं को रसीद व चालान बुक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पकड़े जाने पर 200 रुपए का जुर्माना किया जाएगा।

धूम्रपान को लेकर जिले के कुछ और चौकाने वाले तथ्य :  हाल ही में धूम्रपान को लेकर जिले में कराए गए सर्वे में कुछ और चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इनमें धूम्रपान करने वाले नौ हजार लोग गरीबी की गर्त में चले जाते हैं जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को प्रतिवर्ष 44 करोड़ रुपए की हानि होती है।

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