चंडीगढ़ । एक तरफ कोरोना महामारी ने गदर मचा रखा है, दूसरी ओर किसानों ने मुसीबत खड़ी कर रखी है। इधर, कोरोना केस बढऩे से देश लॉकडाउन के कगार पर खड़ा है, उधर किसान फिर से आंदोलन तेज करने की तैयारी में जुटे हैं। 21 अप्रैल को गदर आंदोलन के स्थापना दिवस पर पंजाब के किसान वापसी करेंगे, क्योंकि फिलहाल किसान गेहूं की फसल काटने में व्यस्त हैं।

हरियाणा में बहादुरगढ़ जिले के बाईपास पर ऑटो मार्केट में शनिवार को हुई सभा के दौरान किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि कोरोना की आड़ लेकर सरकार उनके आंदोलन को समाप्त करने की कोशिश न करें, वरना अंजाम भुगतना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, 21 अप्रैल को पंजाब से बड़ी संख्या में नौजवान, किसान, मजदूर व महिलाएं टीकरी बॉर्डर पहुंचेंगी।

उप मुख्यमंत्री ने जाहिर की चिंता
हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला किसान आंदोलन के लंबा खींचने से परेशान हैं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उप मुख्यमंत्री ने आंदोलनरत किसानों से दोबारा बातचीत शुरू करने का आग्रह प्रधानमंत्री से किया है। 3-4 वरिष्ठ मंत्रियों की समिति बनाकर किसानों से बात की जाए तो समस्या का हल संभव है। किसान आंदोलन का लंबा चलना चिंता का विषय है। केंद्र सरकार को इस दिशा में सोचना चाहिए। दुष्यंत चौटाला से पहले गृहमंत्री अनिल विज भी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को पत्र लिखकर किसानों से बातचीत करने का आग्रह कर चुके हैं। अनिल विज ने कहा था कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच उन्हें किसानों के स्वास्थ्य की भी चिंता है, क्योंकि आंदोलन में कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं हो रहा है। PLC

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