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Friday, October 30th, 2020

121 महिलाओं को 100-100 वर्ग गज प्लाटों की वितरित की रजिस्ट्री,गांव में मुख्य सड़क से गुरूद्वारा सड़क का किया उद्घाटन

download (1)आदेश त्यागी,

आई एन वी सी, हरियाणा, कालांवाली , उपायुक्त डा जे गणेसन ने त्रिलोकेवाला गांव में 121 महिलाओं को 100-100 वर्ग गज के प्लाटों की  रजिस्ट्री वितरित की और गांव में ही साढे पांच लाख रूपए की लागत से मुख्य सड़क से गुरूद्वारा तक गली इंटरलोकिंग सड़क का उद्घाटन भी किया।  इस अवसर पर  शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य संत गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाल, उपमंडलाधिकारी (ना) सिरसा श्रीसंत लाल पचार, उपमंडलाधिकारी ( ना)डबवाली श्री सतीश कुमार, गांव की सरंपच श्रीमति कुलदीप कौर  , पूर्व सरपंच सतेंद्र जीत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व गांव के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने प्लाटधारकों से अपील की कि वे  अपने प्लाटों में प्रियदर्शनी आवास योजना के तहत  मकानों का निर्माण करें। त्रिलोकेवाला गांव में प्रियदर्शनी आवास योजना के तहत एक सौ से भी अधिक मकानों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इस योजना के तहत पहली किस्त भी जारी  हो चुकी है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत जो भी धनराशि प्राप्त हुई उससे लाभार्थी मकान निर्माण के लिए ही प्रयोग करें और जितना जल्दी इस राशि का खर्च करेंगे। तभी जिला प्रशासन द्वारा दूसरी किस्त की राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति प्रिय दर्शनी आवास योजना के तहत मिली धनराशि का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी। डा गणेसन ने कहा महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत जिला में 27 हजार लोगो को 100- 100 वर्ग गज के प्लाट निशुल्क दिए गए है। इन सभी प्लाटों की रजिस्ट्रीयां महिलाओं के नाम की गईहै।  इन प्लाटों में मनरेगा के तहत सभी तरह की मूलभुत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। सिरसा जिला में प्रियदर्शनी आवास योजना के तहत 8120 पात्र व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से मकान बनाने के लिए 3608 व्यक्तियों को पहली किस्त के रूप में नौ करोड़ दो लाख रूपए  जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में  नाम पारित करवाकर कोई भी व्यक्ति अब भी  प्रियदर्शनी आवास योजना के लिए अपना नाम पंजीकृत करवा सकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब व्यक्तियों के लिए बिल्कुल निशुल्क शुरू की गई है कोई भी व्यक्ति इस योजना के लिए यदि पैसा या किसी प्रकार की धनराशि की मांग करें तो उसकी सूचना तुरंत उपायुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में दें। किसी भी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्तियों से कोई व्यक्ति रिश्वत नहीं ले सकता ऐसा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी और रिश्वतखोरी को कतई बर्दाश्त नहंी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला में शीघ्र ही ग्राम सभाओं का शैडयूल जारी किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं में प्रिय दर्शनी आवास योजना के लिए पारित किए गए व्यक्तियों के नामो को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि  प्रिय दर्शनी आवास योजना के तहत 100 से भी अधिक व्यक्तियों को  35 लाख रूपए से भी अधिक की राशि की दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई है। प्रियदर्शनीय आवास योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को  90 हजार रूपए की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त 25 हजार रूपए की और दूसरी किस्त 35 हजार रूपए की तथा बकाया राशि तीसरी किस्त के रूप में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि  बडागुढा खंड में 2106, डबवाली में 1230, ऐेलनाबाद में 562, चोपटा में 718, औढा में 665, सिरसा में 1374 तथा रानियां में 1466   पात्र व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया है जिनमें से 3608 व्यक्तियों को पहली किस्त जारी भी कर दी गई है। उपायुक्त ने आगे बताया कि जिला में इंदिरा आवास योजना के तहत भी 1391 लोगो को मकान अनुदान देने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से अभी तक 828 लोगो को पांच करोड़ 79 लाख रूपए की राशि जारी की गई है इंदिरा आवास योजना के तहत बडागुढा में 284, डबवाली में 57, ऐलनाबाद में 154, नाथुसरी चौपटा में 132, औढा में 132 तथा सिरसा में 69 लोगो को अनुदान की राशि दीगई है रानियां खंड में अभी राशि देने की प्रक्रिया शुरू है। उन्होंने बताया कि  प्रिय दर्शनी आवास योजना के अन्तर्गत 90,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन किस्तों में दी जाएगी। प्रथम किश्त 25,000 रुपये स्वीकृति पत्र के साथ अग्रिम रूप में दी जाएगी। द्वितीय 35,000  रुपये की किश्त घर का निर्माण लैंटर स्तर तक पहुंचने पर दी जाएगी तथा अन्तिम 30,000 रुपये की किश्त का भुगतान दरवाजे-खिड़कियां लगने के बाद  किया जाएगा। अंतिम किस्त में 9000 रूपए की राशि निर्मल भारत अभियान के तहत भी शामिल की गई है जिसे शौचालय बनाने पर खर्च किया जाएगा। लाभपात्र को आवश्यकता पडऩे पर मकान को पुरा करने/ विस्तार हेतू जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा राष्ट्रीयकृत/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से तालमेल करवाकर अतिरिक्त वित्तीय सहायता ऋण के रूप में उपलब्ध करवाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा लाभपात्रों की पहचान की जा रही है। प्राथमिकता उन परिवारों को दी गई है जो इंदिरा आवास योजना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल थे। इसके बाद उन परिवारों को प्राथमिकता दी गई है। जिनके पास या तो मकान नहीं थे या कच्चा मकान था औरउन्हें 100-100 वर्गगज के प्लाट अलाट किये गये हैं।  मकान के लिए किसी विशेष प्रकार का डिजाईन निश्चित नहीं है परन्तु प्रत्येक लाभपात्र को कम से कम एक  कमरा, रसोई और एक शौचालय बनाना होगा जिसका कुल क्षेत्र 20 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए। लाभपात्र पहली किश्त की स्वीकृति के एक  माहके अन्दर निर्माण कार्य प्रारम्भ करेगा तथा 6 माह में पुरा करेगा।

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