जागरुकता के अभाव में बढ़ रहे थाइरॉइड के मामले

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महिलाओं में आजकल थाइरॉइड के मामले तेजी से बढ़ हैं। जागरुकता के अभाव में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। थाइरॉइड की वजह से महिलाओं में अस्थमा, कोलेस्ट्रॉल की समस्या, डिप्रेशन, डायबिटीज, इंसोमनिया और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा है। डॉक्टरों की मानें तो कुछ खास चीजों को खाने से थाइरॉइड बढ़ जाता है। ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि थाइरॉइड के दौरान किन चीजें को खाने से परहेज करना चाहिए।
आयोडीन वाला खाना:
थायरॉइड ग्लैंड्स हमारे शरीर से आयोडीन लेकर थायरॉइड हार्मोन पैदा करते हैं, इसलिए हाइपोथायरॉइड है तो आयोडीन की अधिकता वाली खाने-पीने की चीजों से जीवनभर दूरी बनाए रखें. सी फूड और आयोडीन वाले नमक को पूरी तरह नजरअंदाज करें।
कैफीन:
कैफीन वैसे तो सीधे थायरॉइड नहीं बढ़ाता, लेकिन यह उन परेशानियों को बढ़ा देता है, जो थायरॉइड की वजह से पैदा होती हैं, जैसे बेचैनी और नींद में खलल।
रेड मीट:
रेड मीट में कोलेस्ट्रॉल और सेचुरेडेट फैट बहुत होता है. इससे वेट तेजी से बढ़ता है। थायरॉइड वालों का वजन तो वैसे ही बहुत तेजी से बढ़ता है। इसलिए इसे न खायें. इसके अलावा रेड मीट खाने से थायरॉइड वालों को बदन में जलन की शिकायत होने लगती है.
एल्कोहल:
एल्कोहल यानी शराब़, बीयर वगैरा शरीर में एनर्जी के लेवल को प्रभावित करता है। इससे थायरॉइड की समस्या वाले लोगों की नींद में दिक्कत की शिकायत और बढ़ जाती है। इसके अलावा इससे ओस्टियोपोरोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।
वनस्पति घी:
वनस्पति घी को हाइड्रोजन में से गुजार कर बनाया जाता है। यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को खत्म करते हैं और बुरे को बढ़ावा देते है। बढ़े थायरॉइड से जो परेशानियां पैदा होती हैं, ये उन्हें और बढ़ा देते हैं। ध्यान रहे इस घी का इस्तेमाल खाने-पीने की दुकानों में जमकर होता है। इसलिए बाहर का फ्राइड खाना न ही खाएं तो बेहतर है। PLC.

 

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