Sunday, December 15th, 2019

​​आधार एक यूनिक कंसेप्ट

​आई एन वी सी न्यूज़ ​
​रांची,
  • ​​गुड गवर्नेंस में ''आधार'' पावरफुल टूलः मुख्य सचिव
  • आधार की सरकारी विभागों में भूमिका पर कार्यशाला का आयोजन
  • कार्यशाला में पूर्वी भारत के सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग
मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा है कि आधार गुड गवर्नेंस में पावरफुल टूल साबित हो रहा है। इससे जहां सरकरी कार्यों में पारदर्शिता आई है, वहीं रोजमर्रा के कार्यों में भी सहुलियतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि आधार गुड गवर्नेंस में गेम चेंजर का काम कर रहा है। यह एक पावरफुल टूल है। मुख्य सचिव प्रोजेक्ट भवन सचिवालय सभागार में आधार की सरकारी विभागों में भूमिका पर आयोजित पूर्वी भारत क्षेत्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। मुख्य सचिव ने कहा कि आधार कोई कार्ड नहीं, नंबर है। आधार आधारित सरकरी सेवा की शुरुआत झारखंड के रामगढ़ से शुरू हुई थी। उसके बाद जनवितरण प्रणाली को आधार आधारित ईपॉस मशीन से जोड़कर राशन वितरण करने के मामले में भी झारखंड अग्रणी राज्य बना। आज देश के लगभग तमाम राज्यों में आधार को सरकारी सेवा से जोड़कर जनता को लाभ पहुंचाने की डिजिटलाइज प्रक्रिया अपनायी जा रही है। उन्होंने पूर्वी भरत के राज्यों से आए प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे रांची के आसपास में आधार आधारित दी जा रही सेवा को जरूर देखें। कार्यशाला में विकास आयुक्त डीके तिवारी ने कहा कि ​​आधार एक यूनिक कंसेप्ट है। इसने नाम से उत्पन्न विरोधाभाषों को खत्म कर व्यक्ति की पहचान नंबर में बदल दी है। इस प्रक्रिया से देश में जाति, संप्रदाय रहित सामाजिक बदलाव का खाका तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह गलत धारणा है कि आधार किसी की निजता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि एक दिन आएगा, जब दुनिया में आधार का डंका बजेगा। उसके पहले अतिथियों का स्वागत करते हुए आईटी सचिव विनय कुमार चौबे ने झारखंड में आधार आधारित उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के खाते में सीधे पैसा (डीबीटी) भेजने के मामले में भी झारखंड देश का अग्रणी राज्य है। यूआईडीएआई के डीडीजी प्रदीप कुमार ने कहा कि आधार विश्व का सबसे बड़ा डाटाबेस है। आनेवाले समय में सरकारी कार्यालयों के अधिकांश कामों में आधार की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य मकसद सरकारी कार्यालयों में आधार के विभिन्न आयामों को साझा करना है। डीबीटी सेल भारत सरकार में संयुक्त सचिव सौरव तिवारी ने कहा कि देश ने आधार आधारित सेवा देकर 120 लाख करोड़ रुपये की बचत की है। उन्होंने कहा कि देश में मोबाइल क्रांति और जनधन योजना ने आधार की व्यापकता को बढ़ाया है। अभी देश में 120 करोड़ मोबाइल कनेक्शन हैं।

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