Thursday, December 5th, 2019

​सर्वोच्च न्यायालय में जजों और वकीलों का गिरोह सरकार को ब्लैकमेल कर रहा है ​: दारा सेना

​आई एन वी सी न्यूज़
नई दिल्ली,

  • 73 वें स्वतन्त्रता दिवस पर धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन और स्वामी ओम जी झण्डा फहराया।

​स्वतन्त्रता दिवस का झण्डा फहराते हुए दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में वकीलों ओर जजों का गिरोह मिलकर सरकार को ब्लैकमेल कर रहा है ताकि सरकार इन की असंवैधानिक करतूतों से आंखे बन्द कर ले।

अपनी बात को स्पष्ट करते हुए श्री जैन ने बताया कि हाल ही में महामहिम राष्ट्रपति जी ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत न्यायाधीश रविशंकर झा को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को गुजरात उच्च न्यायालय वकील संघ ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी कि सर्वोच्च न्यायालय के काॅलेजियम की सिफरिश को दरकिनार करके राष्ट्रपति जी ने यह नियुक्ति की है। सबसे बड़ी बात यह है कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश साहेब ने भी इस याचिका संख्या 841/19 पर हर सप्ताह सुनवायी करके महामहिम राष्ट्रपति जी को कटघड़े में खड़ा कर दिया है।

ध्वजारोहन करते हुए बिग बोस के सुपर हीरो स्वामी ओम जी ने न्यायाधीशों और वकीलों का इस गिरी हरकत को न्यायपालिका के हस्तक्षेप की अति बताते हुए कहा कि हमने इस अति का अन्त करने के लिये इस मामले में हस्तक्षेपीय याचिका इसी 13 तारीख को सर्वोच्च न्यायालय में दायर की। जिसमें हमने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा न्यायाधीशों की नियुक्ति सविधान के अनुच्छेद 217 का उल्लंघन पाया। जिसके तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश और महामहिम राज्यपाल की सलाह से ही राष्ट्रपति जी द्वारा राज्य के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का संवैधानिक आदेश है, जिसकी अवहेलना करके न्यायमूर्ति शरद अरविन्द बोबडे और एन वी रमन ने बोम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री अकील कुरैशी को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश महामहिम राष्ट्रपति जी से की थी।

स्वामी ओम जी ने तल्ख लहजे में कहा कि आज ये ही न्यायाधीश जो संविधान के अनुच्छेद 217 का उल्लंघन कर रहे हैं महामहिम राष्ट्रपति जी के संवैधानिक कार्यो में अपने वकीलों के गिरोह द्वारा बाधा डलवा रहे हैं और हमारी हस्तक्षेपीय याचिका में हमारा पक्ष रखने से के लिये हमें 16 अगस्त की सुनवाई में न्यायालय में भी आने नहीं दे रहे हैं। ये जजों और वकीलों के गिरोह खुली अदालत को भी सात तालों बन्द करके न्याय का गला घोट रहे हैं।

स्वामी ओम जी ने कहा कि 16 अगस्त की सुनवाई में ये न्यायाधीश धारा 370 के पक्ष में प्राथमिकता से सुनवाई करके सरकार द्वारा उठाये कदम को असंवैधानिक बताकर सरकार को ब्लैकमेल करने की भी साजिश रच रहे है कि हम कश्मीर को फिर आतंकवाद में झोक देंगे। ताकि इन जजों और वकीलों के गिरोह की ब्लैक मेल की शिकार सरकार जज अकील कुरैशी को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त कर दे।

दारा सेना ने सरकार से कश्मीर के अमन चैन में आग लगाने की जजों और वकीलों की इस साजिश की सी बी आई जांच कराने की मांग की।



 

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