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Saturday, October 31st, 2020

​नहीं होने देंगे लोकतंत्र की हत्या ​

​आई एन वी सी न्यूज़ ​
​नई दिल्ली, शनिवार को एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए दक्षिणी दिल्ली के लोकसभा प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी कई बार प्रेस वार्ता करके, साक्ष्यों के साथ इस बात को सिद्ध कर चुकी है कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है, और एक षड्यंत्र के तहत चुनाव आयोग ने दिल्ली की मतदाता सूची से 30 लाख लोगो के नाम गैर-कानूनी तरीके से काट दिए। आज से लगभग 6 महीने पहले जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के पास इस सम्बन्ध में शिकायत आई तो उन्होंने एक कमिटी का गठन करके इसी जांच करवाई। जाँच में पाया गया कि एक षड्यंत्र के तहत दिल्ली से लगभग 30 लाख लोगो को नाम गैर-कानूनी तरीके से मतदाता सूची से काट दिया गया है। जब केजरीवाल जी ने इस सम्बन्ध में और गहराई से जांच करने का सोचा तो चुनाव आयोग ने तानाशाह तरीके से दिल्ली सरकार के सारे अधिकारीयों को एक सूचना जारी करके ये आदेश दिया कि आप अरविन्द केजरीवाल की, वोटर डिलीशन जांच की किसी भी समिति का हिस्सा नहीं बनेंगे, और किसी भी प्रकार की जांच में केजरीवाल की मदद नहीं करेंगे। चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि चुनाव आयोग में अफसर आते जाते रहते हैं, लेकिन चुनाव आयोग एक सम्मानित संसथान है। हर देश वासी का यह कर्तव्य बनता है कि हम चुनाव आयोग की गरिमा को बना कर रखें। क्या चुनाव आयोग इस बात से इंकार कर सकता है कि तेलंगाना में चुनाव आयोग ने 22 लाख लोगो के नाम मतदाता सूची से काट दिए? क्या चुनाव आयोग इस बात से इनकार कर सकता है कि चुनाव आयोग ने दिल्ली में भी गैर कानूनी तरीके से 30 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए हैं। ​​राघव चड्ढा ने चुनाव आयोग के सम्मुख कुछ प्रश्न रखे जो निम्न प्रकार से हैं…..
  1. क्या यह सच नहीं है कि हाल ही में तेलंगाना में हुए चुनावों में, 22 लाख लोगो को नाम गैर-कानूनी तरीके से मतदाता सूची से काटा गया?
  2. क्या ये सच नहीं है कि तेलंगाना में रहने वाली, विश्व प्रसिद्ध बेडमिन्टन खिलाडी “ज्वाला गुट्टा” का नाम भी मतदाता सूची से काट दिया गया था?
  3. क्या चुनाव आयोग का ये कर्तव्य नहीं है कि देश में निष्पक्ष चुनाव हो, क्या चुनाव आयोग को किसी एक दल की पैरवी करनी चाहिए?
  4. क्या चुनाव आयोग में इतनी क्षमता है कि दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर सके, जिन्होंने भाजपा के साथ मिलकर ये गैर-कानूनी कृत्य किया?
  5. क्या यह सच नहीं है कि तेलंगाना के चुनाव अधिकारी ने इस गैर-कानूनी कृत्य को स्वीकार करते हुए जनता से माफ़ी मांगी थी?

चुनाव आयोग के जो अफसर भाजपा के साथ मिले हुए हैं, उनको सीधे तौर पर चुनौती देते हुए राघव चड्ढा ने कहा, जो भी अफसर इस गैर-कानूनी काम में भाजपा की मदद कर रहे हैं, अगर हिम्मत है तो वो लोग खुल कर सामने आएं। चुनाव आयोग की नौकरी छोड़कर भाजपा ज्वाइन करें, और चुनावी मैदान में उतरकर आम आदमी पार्टी का सामना करें। इस प्रकार से संवेधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग करके जनता का अधिकार छीनने का काम न करें। राघव चड्ढा ने मीडिया के माध्यम से चुनाव आयोग को चेताते हुए कहा कि आपने तेलंगाना में भाजपा को लोकतंत्र की हत्या करने दी, लेकिन दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है और आम आदमी पार्टी किसी भी प्रकार से दिल्ली में भाजपा को लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी। मैं चुनाव आयोग से बड़े ही स्पष्ट तरीके से यह कहना चाहता हूँ कि चुनाव आयोग की सहायता से जो भाजपा दिल्ली के लोगों का संवैधानिक अधिकार, वोट देने का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है,. आम आदमी पार्टी ऐसा कतई नहीं होने देगी। दिल्ली में जिन तीस लाख लोगों के नाम भाजपा ने वोटर लिस्ट से कटवाएं हैं, आम आदमी पार्टी घर घर जाकर उन लोगों के नाम दौबारा से मतदाता सूची में जुडवाने का काम कर रही है! आम आदमी पार्टी हर नागरिक को उसका संवेधानिक अधिकार वापस दिलाने का काम कर रही है!



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