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Thursday, October 29th, 2020

होटल कारोबारी ने NRI से ठगे 1.60 करोड़ रुपए हुआ केस दर्ज

 

  

अमृतसर के होटल कारोबारी अमरजीत सिंह समेत तीन लोगों पर है धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकियां देने का आरोप
पीड़ित हरपिंदर के अनुसार, अमरजीत सिंह ने उसे बताया था कि वह पूर्व निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का ओएसडी है

पंजाब के पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी होटल कारोबारी अमरजीत सिंह समेत तीन लोगों पर पुलिस ने 1.60 करोड़ रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया है। अमरजीत पर आरोप है कि उसने खुद को सिद्धू का ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) बताकर विदेश में रह रहे हरपिंदर सिंह से अपने कारोबार में निवेश करवाया। हरपिंदर की शिकायत है कि तीनों आरोपी उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।

पीड़ित एनआरआई ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी दिनकर गुप्ता को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है। उधर, जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर प्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। रणजीत एवेन्यू के डी. ब्लॉक के रहने वाले हरपिंदर सिंह के बयान पर पुलिस ने शिवाला कॉलोनी के होटल कारोबारी व वकील अमरजीत सिंह, उसके भाई सुखजिंदर सिंह व एक बैंक के सेल्स मैनेजर फतेह सिंह कॉलोनी के राहुल खन्ना के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और षड्यंत्र रचने के आरोप में केस दर्ज किया है।

हरपिंदर सिंह ने बताया कि उनका ज्यादा समय विदेश में ही बीता है। दोनों आरोपी भाई उसके दोस्त हैं। 2015 में जब वह विदेश से लौटा तो दोनों उससे मिलने पहुंचे थे। आरोपियों ने बताया कि गुरु नगरी में होटल कारोबार में काफी पैसा है। मिलकर काम करने से वह करोड़ों कमा सकते हैं।

हरपिंदर के अनुसार, अमरजीत सिंह ने उसे बताया था कि वह पूर्व निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का ओएसडी है। आरोपियों के कहने पर उसने बस अड्डे के पास होटल डीएस रिजेंसी खरीदा था। इसके बाद कटरा आहलूवाला स्थित होटल डीएस इन लिया। इसके बाद वह दोबारा विदेश चला गया। अमरजीत सिंह और सुखजिंदर सिंह उसे यही बताते थे कि दोनों होटल घाटे में जा रहे हैं।

शक होने पर मांगा हिसाब, 55 लाख का चेक हुआ बाउंस
हरपिंदर का कहना है किे को आरोपियों की नीयत पर संदेह होने लगा। वह भारत लौट आया और हिसाब करने को कहा। पैसों की वसूली के लिए डीएस रीजेंसी होटल को 4 करोड़ 70 लाख में बेच दिया। इसके बाद उसे 55 लाख का चेक दिया गया था, जो बाद में बाउंस हो गया था।

उसने बताया कि आहलूवाल कटरा में स्थित होटल डीएस इन को बेचने लगे तो पता चला कि आरोपियों ने आईडीएफसी बैंक कर्मी राहुल खन्ना के साथ मिलकर होटल डीएस रीजेंसी के कर्ज को होटल डीएस इन पर ट्रांसफर कर दिया था। इस सारे षड्यंत्र में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। उनके साथ उक्त आरोपियों ने कुल 1.60 करोड़ की ठगी की है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

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