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Thursday, November 26th, 2020

हिमाचल का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक में दालें व खाद्य तेल शामिल करने का आग्रह

food security bill 2013आई एन वी सी, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक के अंतर्गत पर्याप्त संख्या में उपदान दरों पर दालों और खाद्य तेल का प्रावधान करने की मांग की है। खाद्य सुरक्षा बिल पर आज नई दिल्ली में आयोजित खाद्य मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री जी.एस बाली ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अपने संसाधनों से पहले ही तीन दालें, खाद्य तेल और आयोडीनयुक्त नमक उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत 4737 उचित मूल्य की दुकानों के नेटवर्क से प्रदेश की शत-प्रतिशत आबादी का लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश की सौ फीसदी आबादी को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक के अंतर्गत शामिल किया जाए, जबकि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र की 75 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र की 50 प्रतिशत जनसंख्या को इसके अंतर्गत शमिल करने का प्रस्ताव है। किठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश पर्याप्त खाद्यान्नों का उत्पादन करने में सक्षम नहीं है, इसलिए इस विधेयक के अंतर्गत प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 5 किलोग्राम खाद्यान्न के प्रस्ताव के बदले 7 किलोग्राम खाद्यान्न प्रदान किया जाए। श्री बाली ने विधेयक में प्रस्तावित 15 किलोग्राम चावल और 20 किलोग्राम गेहूं के बदले 25 किलोग्राम चावल और 10 किलोग्राम गेहूं उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य के 70 प्रतिशत सार्वजनिक वितरण प्रणाली विक्रय केंद्र राज्य सरकार और सहकारी समितियां संचालित कर रहीं हैं जबकि शेष 30 प्रतिशत विक्रय केंद्रों की कठोर निगरानी भी राज्य सरकार सुनिश्चित बना रही है। श्री जी.एस बाली ने भारतीय खाद्य निगम और हि.प्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के खाद्यान्न भण्डारणों की क्षमता बढ़ाने का भी अनुरोध किया ताकि कम से कम तीन माह की अवधि के लिए खाद्यान्नों का भण्डारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य की संयुक्त भण्डारण क्षमता 46160 मीट्रिक टन है, जिसमें वृद्धि के लिए उन्होंने उदार वित्तीय सहायता का आग्रह किया। उन्होंने भारत सरकार से गर्भवती महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये का मातृत्व लाभ देने व किशोरियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं के लिए फोर्टीफाइड आटा व आयरनयुक्त डाइट देने का आग्रह किया। उन्होंने ‘एंड-टू-एंड’ कम्पयूटरीकरण परियोजना के लिए 19.42 करोड़, ई-पीडीएस सीसीटीवी कैमरों की स्थापना तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत जीपीएस प्रणाली के लिए शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता की मांग की।

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