Monday, October 21st, 2019
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हिन्दू संगठनों ने नोटा के बटन के खिलाफ चुनाव आयोग को नोटिस भेजा

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, धर्म रक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में चुनाव आयोग द्वारा नोटा के बटन को बोटिंग मशीन पर लगाने के नये नियम को  असंवैधानिक बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी नोटिस भेजा । बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने नोटा के बटन को संसद और राष्ट्रपति जी की अनुमति के बिना बोटिंग मशीन पर लगाने को लोकतन्त्र के लिये बहुत बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि  चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के चुनाव में इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में नोटा के बटन दबाने का जो नया नियम बनाया है इसके लिये संसद और महामहिम राष्ट्रपति जी स्वीकृति नहीं ली गयी, जबकि संसद या सर्वोच्च न्यायालय या कोई भी संस्था नया नियम प्रस्तावित करती है उसे संसद के दानों सदनों में पारित किया जाता है उसके बाद महामहिम राष्ट्रपति जी स्वीकृति मिलने के बाद राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद वह नियम बना हुआ माना जाता है। बिना महामहिम राष्ट्रपति जी की स्वीकृति के उस नियम का कोई भी संवैधानिक वजूद नहीं है और न ही वह लागू हो सकता है। श्री जैन ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 145.1 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को केवल और केवल न्यायालय की पद्धति और प्रक्रिया से सम्बन्धित बने नियमो के साधारतया विनियमन के लिये ही नियम बनाने का अधिकार है और उसके लिये भी महामहिम राष्ट्रपति जी की स्वीकृति लेना जरूरी है। बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी ओम जी ने इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में नोटा के बटन दबाने का चुनाव आयोग द्वारा दिया विकल्प को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के नये नियम का उल्लेख जन प्रतिनिधि अधिनियम 1951 में कहीं पर भी नहीं है और न ही यह नया नियम राजपत्र में प्रकाशित हुआ है। मतदाताओं द्वारा इसका प्रयोग करने से उनकी राय का सही विश्लेषन न किये जाने के कारण उक्त राज्यों में हुए चुनाव में चुनाव आयोग ने सरासर धंाधली की है। स्वामी ओम जी ने इन राज्यों के चुनावी आकड़ों के हवाले से बताया कि इन राज्यों में प्राप्त मतों का लगभग 1.5 प्रतिशत मत नोटा को डाले गये हैं, ये सभी मत भाजपा को ही डाले जाने थे। जिन्हे भाजपा को मिलने के बाद इन राज्यों में विशेषकर राजस्थान ओर मध्य प्रदेश में भाजपा की ही सरकार बननी थी। हिन्दू संगठनों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सी आई ए के ऐजेन्ट नक्सली ईसाई आतंकवादी गिरोह पी यू सी एल की याचिका पर नोटा का गैर कानूनी नियम बनाने वाले जजों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए चुनाव आयोग को चेतावनी दी कि वो 7 दिन के अन्दर-अन्दर अपनी इस गलती को स्वीकार करके इसे दुरूस्त करे अन्यथा चुनाव आयोग द्वारा नियमो के खिलाफ किये गये इस असंवैधानिक कार्य करने के विरूद्व हमें आवश्यक कानूनी और अन्य कार्यवाही करने के लिये विवश होना पड़ेगा।



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