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Saturday, October 31st, 2020

हिन्दू संगठनों का फरमान - अडंगा डालने वालों को मुंहतोड जवाब दिया जायेगा

chanderprakshkaushik,-HHINDआई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली ,

राजधानी दिल्ली के हिन्दू संगठनों और दुर्गा पूजा समितियों व पंडालों के प्रतिनिधियों की एक विशाल सभा हिन्दू महासभा भवन में हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्षचन्द्र प्रकाश कौशिक जी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि दशहरा के दौरान दुर्गा मैय्या की मूर्तियों का विसर्जन यमुना मैय्या हिन्डन नदी और गंग नहर में पारम्परिक रूप से होगा। अडंगा डालने वालों को मुंहतोड जवाब दिया जायेगा।   विशाल सभा में हिन्दू संगठनों,दुर्गा पूजा समितियों व पंडालों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्षमुकेश जैन ने बताया कि हाल ही में अन्त चतुर्दशी पर कुछ हिन्दू विरोधी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा विसर्जित गणपति बप्पा की मूर्तियों को न केवल अपमानित किया गया बल्कि विसर्जित गणपति बप्पा की मूर्तियों को यमुना से निकाल कर बाहर फैंक कर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाये आहत की गयी।जैन ने अपमानित मूर्तियों के फोटो दिखाते हुए कहा कि हिन्दू धर्म पर यह हमला आतंकवादी ईसाई मिश्नरियों और फोर्ड फाउन्डेशन जैसी सी आइ ए के डालरों पर पल रहे केजरीवाल जैसे हिन्दूद्रोही ने कराया। इसी 28 सितम्बर को हिन्दू संगठनों ने जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन कर और माननीय राष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी,गृहमंत्री जी,संस्कृति मंत्री जी और कानून मंत्री जी को भी ज्ञापन दिया था।विशाल सभा को सम्बोधित करते हुए अखिल भारत दुर्गा पूजा महासमिति के संयोजकस्वप्न दत्ता ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने 9 नवम्बर 15 को स्पष्ट कर दिया था यमुना में मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश उसने कभी नहीं दिया । संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार हमें अपने धर्म को अबाध रूप से माने आचरण करने और प्रचार करने का मूलाधिकार मिला हुआ है। इसी के साथ मूलाधिकार अनुच्ठेद 26 अपने धार्मिक कायों के प्रबन्धन स्वयं करने का मूलाधिकार धार्मिक संस्थाओं को देता है। साफ बात यह है कि यमुना में मूर्ति विर्सजन हमें कब करनी है? कहां करनी है? यह हिन्दुओं का धार्मिक मामला है। जिसमें हस्तक्षेप करने ओर विसर्जित मूर्तियों को यमुना से बाहर निकाल फैंकने का न तो प्रशासन को कोई अधिकार है और न ही कोई न्यायालय इस मामले में कोई नया नियम या आदेश जारी कर सकता,ओर आदेश भी ऐसा जो कि मूलाधिकारों का हनन् करे।   सभा में अध्यक्षीय भाषण के दौरान हिन्दू महासभा के अध्यक्षचन्द्र प्रकाश कौशिक ने घोषणा की कि दशहरा के दौरान दुर्गा मैय्या की मूर्तियों का विसर्जन यमुना मैय्या हिन्डन नदी और गंग नहर में पारम्परिक रूप से होगा।यह फैसला हिन्दू संगठनों और दुर्गा पूजा समितियों व पंडालों का सामूहिक फैसला है। जिसमें प्रशासन को केवल यह जिम्मेदारी दी गयी जा रही है कि विसर्जन के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे और कानून व व्यवस्था बनी रहे। मूर्तियों का विसर्जन यमुना में हर जगह होगा। विसर्जित मूर्तिया और फूलों का मिलन गंगा सागर से कराया जायेगा जिसमें अडंगा डालने वालों को मुंहतोड जवाब दिया जायेगा।  

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